उत्तराखंड में घना कोहरा, ठंड से ठिठुरे लोग
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चटख धूप निकलने के बावजूद उत्तराखंड में ठंड की ठिठुरन कम होने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को राजधानी देहरादून सहित प्रदेश के अन्य इलाकों में घना कोहरा छाया रहा और सर्द हवाएं चलीं। इससे तापमान में काफी गिरवाट महसूस की गई। लोग अपनी रजाईयों में दुबके रहे।
गुरुवार को रात से ही कोहरे ने दून को अपने आगोश में ले लिया था। इतना ही नहीं तेज धूप के बाद शाम को चली ठंडी हवाओं ने अधिकतम पारा लुढ़का दिया। हालांकि न्यूनतम पारे में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने फिलहाल दो-तीन दिन तक ठंड से राहत की कोई उम्मीद नहीं जताई है।
प्रदेश के उच्च पहाड़ी क्षेत्रों में पाला, मैदानी क्षेत्रों में कोहरे और राजधानी में सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ाई। बुधवार सीजन का सबसे ठंडा दिन था। लेकिन गुरुवार को दिन का तापमान एक डिग्री और गिर गया। विभाग ने गुरुवार को अधिकतम तापमान 21.7 डिग्री और न्यूनतम पारा 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया।
विभाग निदेशक डॉ. आनंद शर्मा के मुताबिक शुक्रवार को प्रदेश के उच्च पहाड़ी इलाकों में बादल छा सकते हैं। कहीं भी बारिश या बर्फबारी की संभावना नहीं है। हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर आदि क्षेत्र कोहरे की चादर से लिपटे रहेंगे, जबकि राजधानी दून में आसमान साफ रहेगा।
कोहरे ने लगाया वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक
हल्द्वानी में न्यूनतम तापमान कम होने के कारण गुरुवार रात में कोहरे ने वाहनों की रफ्तार धीमी कर दी है। देर शाम चली शीतलहर ने लोगों को ठिठुरन का अहसास कराया।
पंतनगर विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाहा ने बताया कि गुरुवार को अधिकतम तापमान 18.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस रहा। पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा से हवा चली और गति 2.4 किलोमीटर प्रति घंटा रही।\
सुबह आर्द्रता 95 और दोपहर बाद 72 प्रतिशत रही। डॉ. कुशवाहा ने बताया कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी। अधिकतम तापमान 17.2 और न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस रहेगा।
गुरुवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट बदली और हवा चलने के साथ ही लोगों को गलन का एहसास होने लगा। देर शाम कोहरा छाने से कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। कोहरे के साथ चल रही शीतलहर ने लोगों को ठिठुरन का एहसास कराया।
पेड़ों से पानी की तरह ओस टपक रही थी, जिससे सड़कें भी गीली हो गईं। डॉ. कुशवाहा ने बताया कि अधिकतम तापमान कम होने से ठंड बढ़ेगी और सुबह-रात में कोहरे के साथ गलन रहेगी। जबकि दोपहर में धूप खिलने की संभावना है।
दून साढ़े पांच घंटे तो बाघ पौने पांच घंटे लेट आई
कोहरे के कारण ट्रेनें और बसें भी विलंब से चल रही हैं। देहरादून से काठगोदाम आने वाली दून एक्सप्रेस (14120) सुबह छह बजकर पचास मिनट पर हल्द्वानी पहुंचती है जो साढ़े पांच घंटे विलंब से दोपहर 12.30 पर हल्द्वानी पहुंची।
हावड़ा से चलकर काठगोदाम आने वाली बाघ एक्सप्रेस (13019) सुबह नौ बजे हल्द्वानी पहुंचती है। गुरुवार को बाघ एक्सप्रेस चार घंटे 40 मिनट विलंब से दोपहर एक बजकर चालीस मिनट पर हल्द्वानी पहुंची।
दिल्ली आने-जाने वाली परिवहन निगम की एक दर्जन से अधिक बसें गुरुवार को तीन घंटे विलंब से पहुंची। ट्रेन और बस सेवा प्रभावित होने से यात्रियों को खासी परेशानी हो रही है।
ठंड में लगेगा बिजली का झटका
बर्फबारी और बारिश से आपको बिजली का करंट भी लग सकता है। नदियों में पानी कम होने के कारण ऊर्जा प्रदेश का उत्पादन धड़ाम हो चुका है। हरियाणा से बैंकिंग और इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से खरीदकर राज्य में बिजली जगमगा रही है।
उत्तराखंड में 12 जल विद्युत गृह हैं। पावर कारपोरेशन से मिली जानकारी के अनुसार इनसे प्रतिमाह 1421 मेगावाट बिजली उत्पादन होना चाहिए, जबकि उत्पादन महज 350 मेगावाट हो रहा है। राज्य में बिजली की प्रतिदिन मांग 32 से 34 मिलियन यूनिट है।
हरियाणा से एक नवंबर से 31 मार्च तक 4.8 मिलियन यूनिट बिजली प्रतिदिन ली जा रही है। कारपोरेशन को जुलाई, अगस्त और सितंबर में हरियाणा को बिजली वापस करनी होगी। एक अक्तूबर से 31 मार्च तक सात सौ मिलियन यूनिट बिजली की खरीद की जाएगी। ऊर्जा प्रदेश में बिजली खरीद के एवज में पावर कारपोरेशन 230 करोड़ रुपए चुकाएगा।
ये हैं जल विद्युत गृह
कालागढ़ 198 मेगावाट, खटीमा 40 मेगावाट, मनेरीभाली प्रथम 90, मनेरीभाली द्वितीय 304, छिबरो 240, खोदरी 120, ढकरानी 34, ढालीपुर 51, कुलाल 30, चिला 144, मोहम्मदपुर 170 और पतरी 10 मेगावाट। इनमें कालागढ़, खटीमा और मनेरीभाली प्रथम बंद पड़ा है।