{"_id":"6951479263a362bb9e02981d","slug":"co-operation-is-an-integral-part-of-our-philosophy-of-life-governor-dehradun-news-c-5-hld1006-866724-2025-12-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहकारिता हमारे जीवन दर्शन का अभिन्न अंग : राज्यपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहकारिता हमारे जीवन दर्शन का अभिन्न अंग : राज्यपाल
विज्ञापन
-परेड ग्राउंड में आयोजित सहकारिता मेले में पहुंचे राज्यपाल
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के अवसर पर रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित सहकारिता मेले के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। राज्यपाल ने मेले में विभिन्न स्टालों का अवलोकन करने के साथ-साथ सभा को संबोधित किया।
राज्यपाल ने कहा कि सहकार का अर्थ है मिलकर कार्य करना। सहकारिता आंदोलन एक के लिए सब और सब के लिए एक की धारणा को परिलक्षित करता है। देश में सहकारिता कोई नई अवधारणा नहीं बल्कि हमारे जीवन दर्शन का अभिन्न अंग रहा है। प्राचीन काल से ही समूह जीवन की परंपरा रही है। ग्रामसभा, पंचायती व्यवस्था, सिंचाई के लिए सामूहिक तालाब, मंदिर एवं विद्यालय निर्माण के लिए सामूहिक योगदान, ये सब सहकारिता की ही देन है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुत दूरदर्शिता से केंद्र सरकार में स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय की रचना की है। प्रधानमंत्री का विचार एक ऐसा मॉडल बनाने का है, जिसमें सबका सामूहिकता के साथ विकास हो। सभी के योगदान से देश का विकास हो। राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड देश का एकमात्र राज्य है, जिसने सहकारी समितियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है।
विज्ञापन
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के तहत अब तक प्रदेश में 11 मेले आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें तीन लाख से अधिक किसानों की सहभागिता रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विभिन्न सहकारिता समितियों से अब तक 30 लाख से अधिक किसान जुड़े हैं। प्रदेश सरकार का लक्ष्य इस संख्या को 50 लाख से अधिक करने का है। कार्यक्रम में सहकारिता निबंधक मेहरबान सिंह बिष्ट सहित सहकारिता विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं सहकारी समितियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के अवसर पर रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित सहकारिता मेले के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। राज्यपाल ने मेले में विभिन्न स्टालों का अवलोकन करने के साथ-साथ सभा को संबोधित किया।
राज्यपाल ने कहा कि सहकार का अर्थ है मिलकर कार्य करना। सहकारिता आंदोलन एक के लिए सब और सब के लिए एक की धारणा को परिलक्षित करता है। देश में सहकारिता कोई नई अवधारणा नहीं बल्कि हमारे जीवन दर्शन का अभिन्न अंग रहा है। प्राचीन काल से ही समूह जीवन की परंपरा रही है। ग्रामसभा, पंचायती व्यवस्था, सिंचाई के लिए सामूहिक तालाब, मंदिर एवं विद्यालय निर्माण के लिए सामूहिक योगदान, ये सब सहकारिता की ही देन है।
विज्ञापन
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुत दूरदर्शिता से केंद्र सरकार में स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय की रचना की है। प्रधानमंत्री का विचार एक ऐसा मॉडल बनाने का है, जिसमें सबका सामूहिकता के साथ विकास हो। सभी के योगदान से देश का विकास हो। राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड देश का एकमात्र राज्य है, जिसने सहकारी समितियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है।
विज्ञापन
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के तहत अब तक प्रदेश में 11 मेले आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें तीन लाख से अधिक किसानों की सहभागिता रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विभिन्न सहकारिता समितियों से अब तक 30 लाख से अधिक किसान जुड़े हैं। प्रदेश सरकार का लक्ष्य इस संख्या को 50 लाख से अधिक करने का है। कार्यक्रम में सहकारिता निबंधक मेहरबान सिंह बिष्ट सहित सहकारिता विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं सहकारी समितियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।