घोषणाएं नहीं काम किया होता, पूर्व CM हरीश रावत के लिए और भी बहुत कुछ बोले त्रिवेंद्र
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि नेताओं की कोरी घोषणाओं से जनता ऊबने लगी है। पिछले मुख्यमंत्री चार हजार से अधिक घोषणाएं कर गए, ज्यादातर पर काम नहीं हुआ। इसलिए अब घोषणाएं नहीं बल्कि सीधे आदेश होंगे।
मुख्यमंत्री रविवार को जोगीवाला रिग रोड स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में आयोजित भाजपा परवादून जिले की कार्यसमिति में शरीक हुए। त्रिवेंद्र ने कहा कि विपक्षी आरोप लगा रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ में आकर कोई घोषणाएं नहीं की।
मोदी घोषणाओं में नहीं काम में विश्वास करते हैं। प्रधानमंत्री ने राज्य के विकास के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे भी घोषणाएं नहीं बल्कि काम करेंगे।
सीएम आवास में डिब्बा बंद
अधिकारियों को ऐसा सिस्टम बनाने को कह दिया है कि मैं जब जिलों में जाऊं तो वहां की समस्याओं के समाधान का शासनादेश लेकर जाऊं, घोषणाएं करने नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ही चारों धामों पर अलग-अलग टीमों को भेजा है। टीम तीन दिन के भीतर बताएगी कि वहां और क्या कार्य हो सकते हैं। यात्रा रूट पर कुछ जगह एटीएम में कैश न होने की शिकायत पर बैंकों को नोटिस जारी किए गए हैं।
पिछली बार की तरह सरकार श्रद्धालुओं को मुफ्त खाना नहीं देगी। इससे स्थानीय लोगों की ढाबों आदि से आय बढ़ेगी। सीएम रावत ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री आवास में डिब्बा पूरी तरह बंद करा दिया है। कई बार बंद डिब्बे में मिठाई की जगह कुछ और होता है। राज्य के विकास का ब्लू प्रिंट तैयार है और दो-तीन साल में इसका बड़ा असर दिखने भी लगेगा।