केदारनाथ में अभेद्य निर्माण के बाद आपदा होगी बेअसर
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बृहस्पतिवार को केदारनाथ धाम में 115 करोड़ की पुनर्निर्माण और पुनर्वास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह काम साबित कर देंगे कि अब मंदिर को आपदा कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकती।
मुख्यमंत्री ने पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लेते हुए कहा कि निम और मजदूरों की मेहत को सराहा। बोले, आपदा के सबसे कठिन कार्य को इनकी मेहनत और जज्बे से काफी हद तक पूरा कर लिया गया है।
उन्होंने आदेश दिए कि जितने भी पुनर्निर्माण कार्य हो रहे हैं, उनकी वीडियोग्राफी कराई जाए, ताकि भविष्य की पीढ़ियां इस कठिन कार्य को होते देख सके। उन्होंने बताया कि केदारनाथ धाम को आपदा से बचाने के लिए कई स्तर पर काम किए जा रहे हैं।
सभी प्रदेशों के सीएम को अपना धाम बनाने का न्यौता
इसमें नदियों को चैनलाइज भी किया जाना है, ताकि आपदा जैसी स्थिति में पानी का रुख मंदिर की ओर न हो। इसके लिए मंदिर के पीछे सुरक्षा दीवार खड़ी की जा रही है, जो पत्थरों के मलबे को मंदिर तक नहीं आने देगी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह, केदारनाथ की विधायक शैला रानी रावत, रणजीत सिंह, मुख्य सचिव राकेश शर्मा, कर्नल अजय कोठियाल आदि मौजूद रहे।
सभी सीएम को भेजेंगे पत्र
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केदारनाथ के महाधाम में सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को इस बात के लिए आमंत्रित किया कि वे यहां आकर अपने-अपने धाम स्थापित करें। इसके लिए सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा जाएगा। राज्यों के धाम स्थापित करने के लिए लिंचौली में सरकार जमीन भी उपलब्ध कराएगी।
आपदा पीड़ितों को जल्द मिलेगा मुआवजा
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुआवजे से वंचित रहे जून 2013 के आपदा पीड़ितों को जल्द मुआवजा मिलेगा। डीएम की ओर से सूची उपलब्ध करा दी गई है और उस पर साइन भी कर दिए हैं। अब जल्द ही मुआवजा मिलना शुरू हो जाएगा।
बोले, केदारनाथ धाम और अन्य आपदा पीड़ित क्षेत्रों में उन लोगों को रोजगार के साधन दिए जाएंगे, जिन्होंने आपदा के दौरान कमाने वाले मुखिया को खो दिया है।