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New Education Policy: उत्तराखंड बना नई शिक्षा नीति लागू करने वाला देश का पहला राज्य, सीएम धामी ने किया शुभारंभ

Tue, 12 Jul 2022 05:45 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 12 Jul 2022 05:45 PM IST
सार

प्री प्राइमरी कक्षाओं को विभाग ने बाल वाटिका नाम दिया है। शिक्षा महानिदेशालय में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बाल वाटिकाओं का उद्घाटन कर नई शिक्षा नीति (एनईपी) का शुभारंभ किया।

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Cm Pushkar singh dhami will inaugurate New Education Policy in Uttarakhand for the first time in india
सीएम धामी ने किया नई शिक्षा नीति का शुभारंभ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षा निदेशालय में बालवाटिका का शुभारंभ किया। इसी के साथ उत्तराखंड में नई शिक्षा नीति-2020 लागू हो गई। सरकार का दावा है कि ऐसा करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है।

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सीएम ने कहा कि एनईपी से बच्चों के नए भविष्य का निर्माण होगा। इससे उन्हें हर वह चीज मिलेगी जो उनके संपूर्ण विकास के लिए जरूरी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय भवन का लोकार्पण एवं एससीईआरटी भवन का शिलान्यास भी किया। उन्होंने बच्चों में उद्यमिता के विकास के लिए पुस्तक एवं कैरियर कार्ड का विमोचन किया, साथ ही क्षेत्र के जीर्णशीर्ण आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत की घोषणा की।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एक नया क्रान्तिकारी परिवर्तन है। यह शिक्षा नीति नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करेगी। यह नीति भारतीय सनातन ज्ञान और विचार की समृद्ध परंपरा के आलोक में तैयार की गई है, जो हर व्यक्ति में निहित रचनात्मक क्षमताओं के विकास पर विशेष जोर देती है। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों की सबसे अहम भूमिका है। बच्चों को सबसे पहले संस्कार माता-पिता से मिलते हैं, उसके बाद उनके व्यक्तित्व निर्माण में पूरी भूमिका शिक्षकों की होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को 2030 तक पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
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शिक्षा विभाग से अपेक्षा की है कि विभाग 2025 तक शिक्षा के क्षेत्र में कुछ ऐसे कार्य करे, जो देश में एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत हों। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को लक्ष्य दिया गया है कि 2025 में जब उतराखंड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती मनाएगा, सभी विभाग अपनी कुछ विशेष उपलब्धियां धरातल पर दिखाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी, अपर सचिव दीप्ति सिंह, निदेशक माध्यमिक आरके कुंवर, निदेशक बेसिक वंदना गर्ब्याल को पीएम नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन पर आधारित पुस्तक ‘मोदी  @ 20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ सौंपी। कार्यक्रम में  विधायक उमेश शर्मा काऊ, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी, अपर सचिव शिक्षा दीप्ति सिंह, निदेशक माध्यमिक शिक्षा आरके कुंवर, निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण सीमा जौनसारी, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा वंदना गर्ब्याल आदि उपस्थित रहे।

एनईपी में प्री प्राइमरी से शुरू होंगी कक्षाएं

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश के प्राथमिक स्कूल परिसर में 4447 आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं। इन केंद्रों में प्री प्राइमरी से कक्षाओं को शुरू कर छात्र-छात्राओं को कक्षा एक के लिए तैयार किया जाएगा। शिक्षा विभाग की ओर से प्री प्राइमरी को बाल वाटिका नाम दिया गया है। विभाग की ओर से इसके लिए अगल से पाठ्यक्रम तैयार किया गया है।

20 हजार से अधिक हैं आंगनबाड़ी केंद्र
उत्तराखंड में 20 हजार 67 आंगनबाड़ी केंद्र मंजूर हैं। इसमें से 20 हजार 17 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में 14555 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तैनात हैं। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों में 14249 सहायिकाएं एवं 4941 मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां नियुक्त हैं।

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