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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   CM Pushkar Singh Dhami garlanded the statue of Sant Ravidas in haridwar

Ravidas Jayanti 2024: हरिद्वार पहुंचे सीएम धामी, संत रविदास की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण; लोगों से जाना हाल

Sat, 24 Feb 2024 06:43 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, हरिद्वार
अमर उजाला नेटवर्क, हरिद्वार Published by: हीरा मेहरा Updated Sat, 24 Feb 2024 06:43 PM IST
सार

Sant Ravidas Jayanti 2024: हरिद्वार पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शिरोमणि सतगुरु रविदास महाराज के दर्शन किए। उन्होंने रविदास महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनको नमन किया। उसके बाद सभी लोगों से मिले।
 

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CM Pushkar Singh Dhami garlanded the statue of Sant Ravidas in haridwar
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शिरोमणि सतगुरु रविदास महाराज की जयंती के मौके पर हरिद्वार पहुंचे। सीएम धामी ने हरिद्वार के सेक्टर वन स्थित शिरोमणि सतगुरु रविदास महाराज के दर्शन किए। उन्होंने रविदास महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनको नमन किया। उसके बाद सभी लोगों से मिले।

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रविदास जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आप सब इतनी विशाल संख्या में संत रविदास को श्रद्धांजलि देने पहुंचे, आप सभी महानुभावों, भाईयों-बहनों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करता हूं। उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन ऊंच, नीच, छुआछूत, भेदभाव को मिटाकर जीवन में सबको साथ लेकर चलने के लिए संकल्प करने का दिन है।
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आज का दिन सामाजिक बुराइयों और कुरीतियों को दूर कर आपसी भाईचारे को ही सच्चा धर्म मानने का दिन है। संत रविदास सामाजिक समरसता और सद्भाव के मानवतावादी मूल्यों के पुरोधा थे। उन्होंने समाज में फैली बुराइयों और कुरीतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत का इतिहास रहा है, जब भी देश को जरूरत हुई है, कोई न कोई संत या ऋषि  भारत में जन्म लेते हैं। 
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मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास ने समाज को आजादी का महत्व भी बताया और सामाजिक विभाजन को भी पाटने का काम किया। संत रविदास ने एक ऐसे समाज की कल्पना की थी जहां किसी भी प्रकार का लोभ, लालच, दुख, दरिद्रता, भेदभाव नहीं हो, उनके बताये रास्तों पर चलते हुए हम सुखी जीवन के सूत्र सीख सकते हैं। महान संत गुरु रविदास के संदेशों को अपनाकर ही आज का भारत और उत्तराखंड विकास पथ पर तेजी से अग्रसर है। संत रविदास सामाजिक परिवर्तन के प्रतीक हैं, इसलिए उनके संकल्प को ही ध्येय मानकर हम उत्तराखंड के सुदूर व दुर्गम क्षेत्रों में बसे गरीबों, वंचितों और पिछड़ों की सेवा हेतु प्रयासरत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश के पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन की सरकार “संत शिरोमणि रविदास के बताए मार्ग पर चलकर दलित-शोषित-पिछड़ों व वंचितों के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित है। संत रविदास ने कहा था कि ’ऐसा चाहूं राज मैं, मिले सबन को अन्न। छोट-बड़ो सब सम बसे, रविदास जी रहे प्रसन्न...अर्थात- मैं, एक ऐसा राज चाहता हूं, जिसमें सभी को अन्न मिले कोई भूखा न रहे, हर कोई एक समान, समरस होकर रहे। 
 

संत रविदास के इस विचार को पीएम के नेतृत्व वाली सरकार में हम भी ’’अंत्योदय’’ के भाव के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। आपने पूर्व की सरकारों के कार्यकाल में देखा होगा कि किस तरह गरीबों को अन्न के लिए तरसना पड़ता था, खुली छत के नीचे सोने के लिए मजबूर होना पड़ता था। माताओं-बहनों को खुले में शौच करने पर शर्मिंदगी उठानी पड़ती थी, वहीं चूल्हें के धुंए में रोटी बनाकर हमारी माताएं-बहनें बीमार होती थी। लेकिन, आज पीएम के नेतृत्व वाली सरकार में गरीबों को पक्का मकान मिलने के साथ ही, महिलाओं को खुले में शौच करने से मुक्ति मिली है और उज्जवला योजना से माताओं-बहनों को धुंए से छुटकारा मिला है। आज गरीबों को निःशुल्क इलाज मिल रहा है, हर घर नल से जल अभियान के तहत शुद्ध जल मिल पा रहा है। 

क्या ये सब पूर्व की सरकारों में संभव था, जोर से बोलिये, संभव था क्या? आज देश के हर दलित को, हर पिछड़े को एक बात ध्यान रखनी है कि हमारे देश में जाति के नाम पर उकसाने और उन्हें लड़ाने में भरोसा रखने वाले गबंधन के लोग दलितों, वंचितों के हित की योजनाओं का विरोध करते हैं। जाति की भलाई के नाम पर इन लोगों ने स्वार्थ की राजनीति करते हुए हमेशा से हर वर्ग, हर जाति को सिर्फ और सिर्फ वोटबैंक तक सीमित रखने का कार्य किया। लेकिन, हम बिना किसी वर्ग और जाति को बांटे, हर वर्ग और हर जाति को साथ लेकर आगे बढ़ने वाले लोग हैं। 
 

उन्होंने कहा कि हम सभी एक ही जाति से हैं और वो जाति है मानवजाति। परंतु देश में कुछ लोग आपको अलग-अलग जातियों में बांटने की कोशिश करते हैं, लेकिन आप उनसे सतर्क रहें। समानता, वंचित समाज को प्राथमिकता देने से ही आती है, इसलिए जो वर्ग विकास की धारा से दूर रह गए, पिछले 10 वर्षों में उनको ध्यान में रखकर ही काम हुआ है।
 
पहले जिस गरीब को सबसे आखिरी समझा जाता था, आज बड़ी-बड़ी योजनाएं उसी गरीब को धयान में रखकर बन रही हैं। भाजपा सरकार में संत रविदास के विचारों को ही आगे बढ़ा रही है। ’सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’’ ये मंत्र आज 140 करोड़ देशवासियों से जुड़ने का मंत्र भी बन गया है। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता संत रविदास के बताए मार्ग पर चलकर पूरी ताकत के साथ समाज को एकजुट रखने के लिए प्रतिबद्ध है। संत रविदास  ने सामाजिक विसंगतियों को खत्म करने का काम कर समाज में जागरूकता फैलाई और सामाजिक सद्भाव बनाया। 

एक समय ऐसा आया कि संत रविदास ने धर्मांतरण को न सिर्फ रोकने का कार्य किया बल्कि मुस्लिम शासकों को खुली चुनौती देते हुए देश के अनेक क्षेत्रों में धर्मान्तरित हिन्दुओं की घरवापसी भी कराई। संत रविदास द्वारा दिखाई गई इसी दिशा में उत्तराखंड मजबूती से आगे बढ़ रहा है और हमनें एक ओर जहां धर्मांतरण विरोधी कानून बनाया है, वहीं समान नागरिक संहिता विधेयक लागू कर सभी को समान अधिकार देने का कार्य किया। जिन कुरीतियों को संत रविदास ने समाज से खत्म करने के लिए जो यज्ञ प्रारंभ किया था उसी यज्ञ में हम भी एक आहुति प्रदान कर समाज से भेदभाव और कुरीतियां खत्म करने के लिए प्रयासरत हैं। सभी को यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि हम संत रविदास के सिद्धांतों पर चलकर जब तक ’’सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंड’’ निर्माण का अपना ’’विकल्प रहित संकल्प’’ प्राप्त नहीं कर लेते तब तक चैन से नहीं बैठेंगे, आराम से नहीं बैठेंगे।

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