'2013 जैसी दैवी आपदा के लिए हैं तैयार हम'
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मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि 2013 जैसी दैवी आपदा से भविष्य में कैसे निपटा जाए इसके लिए सरकार तैयार है। उन्होंने पर्यटकों व तीर्थ यात्रियों को आश्वस्त किया है कि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पूरी तरह से सुरक्षित है।
उनका कहना है कि पर्यटकों व तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा के लिए पूरी व्यवस्था की है। यह बात मुख्यमंत्री ने मुंबई में पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में कही।
राज्य के पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार विभिन्न राज्यों में रोड शो और प्रचार-प्रसार कर रही है। सीएम ने बताया कि गुप्तकाशी से केदारनाथ तक हेलीकाप्टर यात्रा करने वाले 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग के लिए 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। जिसे राज्य सरकार वहन करेगी। सीएम ने बताया कि भगवान बदरीनाथ के कपाट 26 अप्रैल को खुल रहे हैं।
इस बार यात्रा में मिलेंगी ये सुविधाएं
केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए सरकार विशेष प्रबंध कर रही है। वहां 15सौ यात्रियों के लिए पक्के आवास और एक हजार के लिए टेंट की व्यवस्था की गई है। बेहतर ट्रेकिंग रूट बनाया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए हेली सर्विस व हेलीपैड, पक्के घाट आदि का निर्माण किया गया है।
इससे पहले सीएम ने गोरेगांव स्पोटर्स एंड एक्जीबिशन सेंटर पहुंचकर प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन पर्यटन व्यवसाय को प्रोत्साहित करते हैं। सीएम ने वाशी में उत्तराखंड भवन के लिए आवंटित भूमि का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री दिनेश धनै, बदरी-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल, सचिव पर्यटन डा. उमाकांत पंवार मौजूद थे।
- बदरी-केदार मंदिर समिति लंगर लगाएगी।
- सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ. के जवान यात्रा मार्ग पर रहेंगे।
- पूरे यात्रा मार्ग पर मेडिकल टीम साथ रहेगी।
- यात्रियों का बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।
- टेलीफोन टावर स्थापित किए जाएंगे ताकि कनैक्टीविटी में समस्या न हो। पीसीओ भी स्थापित होंगे।
-जागेश्वर व मदमहेश्वर धाम को विकसित किया जा रहा है।
- भीमबली से केदारनाथ का नया रास्ता हो।