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एक हफ्ते में बंद करें सभी गढ्ढेः रावत
अमर उजाला, नरेंद्रनगर (टिहरी)
Updated Mon, 03 Mar 2014 09:05 PM IST
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दैवी आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क, पेयजल और स्कूल भवन आदि योजनाओं का पुनर्निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एक हफ्ते बाद वह स्वयं सड़क मार्ग से कार्यों की प्रगति का जायजा लेंगे।
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अधिकारियों को 31 मार्च तक सभी कार्य दुरुस्त करने के निर्देश देते हुए सीएम ने कहा कि मरम्मत कार्यों का सोशल ऑडिट भी कराएं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं भी की।
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मरम्मत के लिए धन की कोई कमी नहीं
तहसील सभागार में दैवी आपदा से हुए नुकसान और पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री का लोनिवि, पेयजल, शिक्षा और सिंचाई पर खास फोकस रहा।
उन्होंने कहा कि आपदा से क्षतिग्रस्त योजनाओं की मरम्मत के लिए धन की कोई कमी नहीं हैं, विभागीय अधिकारी टीम वर्क के साथ मुस्तैदी से कार्य करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लोनिवि से उन्होंने कहा कि किसी भी सड़क पर गड्ढे नजर न आएं और कोई भी सड़क बंद न रहे।
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फलदार पेड़ लगाने के निर्देश
अधिकारी प्रगति की जानकारी क्षेत्र के विधायकों के साथ ही शासन को भी देते रहें। जल संस्थान और जल निगम को हर गांव में जलापूर्ति सुनिश्चित करने, ऊर्जा निगम को जरूरत के अनुरूप ट्रांसफार्मर लगाने और वन विभाग को फलदार पेड़ लगाने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को चकबंदी प्रोत्साहन के लिए हर ब्लाक में एक मॉडल गांव बनाने को कहा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं भी की। इस मौके पर विधायक सुबोध उनियाल, दिनेश धनै, विक्रम नेगी, जिलाध्यक्ष कीर्ति सिंह नेगी, पालिकाध्यक्ष दुर्गा राणा, वीरेंद्र कंडारी, शिवमूर्ति कंडवाल, मुरारीलाल खंडवाल और देवी सिंह पंवार आदि मौजूद थे।
डेढ़ घंटे देर से पहुंचे सीएम
मुख्यमंत्री हरीश रावत को 11 बजे पहुंचना था, लेकिन वह डेढ़ घंटे की देरी यानी 12.30 बजे पहुंचे। इस बीच अधिकारी अपना होमवर्क पूरा करने में जुटे रहे।
शराब की दुकानें रही खुली
तहसील सभागार में सीएम की बैठक की वजह से प्रशासन ने आसपास स्थित दुकानें तो बंद कराई, लेकिन तहसील से 50 मीटर की दूरी पर अंग्रेजी शराब की दुकान खुली रही। दुकानें बंद कराने से छोटे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा।
समस्याओं के निराकरण को बुलाया दून
दैवी आपदा की समीक्षा बैठक लेते हुए मुख्यमंत्री ने शासन में सचिवों से जानकारी लेकर योजनाओं के लिए धन आवंटित करने के भी निर्देश दिए। आपदा प्रभावित डौर गांव की महिलाओं ने सीएम को अपना दुखड़ा सुनाया। सीएम ने ग्रामीणों को दून बुलाकर समस्या हल करने का भरोसा दिया।