राजजात यात्रा में शामिल नहीं हुए हरीश रावत
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नंदादेवी राजजात यात्रा में शमिल होने के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत सुबह वेदनी के लिए हेलीकॉप्टर से उड़े जरूर लेकिन मौसम खराब होने के कारण गौचर में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी।
सीएम का कहना है उन्हें अफसोस है कि वे स्वयं नंदादेवी राजजात यात्रा में शमिल नहीं हो पाए। उन्होंने बताया कि यात्रा में 100-125 करोड़ रुपए व्यय करके, जो इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है उसका उपयोग आगे किया जाए, इसकी कार्ययोजना बनाई जा रही है।
वेदनी, होमकुंड प्रकृति के अद्भुत स्थल हैं, यहां पर्यावरण की रक्षा सुनिश्चित करते हुए सीमित संख्या में ट्रेकर्स को अनुमति दी जा सकती है।
उत्तराखंड से पुराना नाता
दूसरी ओर अभिनेता विवेक ओबरॉय सोमवार को बीजापुर गेस्ट हाउस में सीएम से मिले। उन्होंने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि नंदा देवी श्रद्धा से ओतप्रोत अद्भुत धार्मिक यात्रा है। इसका संदेश पूरे विश्व में जाना चाहिए। उत्तराखंड से उनके परिवार का पुराना नाता है। यहां की संस्कृति व लोगों का व्यवहार बार-बार आने को आकर्षित करता है।
राजजात यात्रा पर डॉक्यूमेंट्री
विवेक ओबरॉय ने कहा कि नंदादेवी राजजात यात्रा यहां की सरकार व प्रशासन के लिए एक चुनौती थी। कठिन परिस्थितियों में हजारों लोगों के लिए व्यवस्था करना आसान काम नहीं है। विवेक ओबराय ने बताया कि उनकी टीम नंदादेवी राजजात यात्रा पर डॉक्यूमेंट्री बनाने गई है।
यात्रा का प्रचार-प्रसार केवल कॉमर्शियल लाभ के लिए नहीं, बल्कि बाहर के लोगों में विश्वास उत्पन्न करने के लिए जरूरी है, कि आपदा के बाद अब उत्तराखंड पूरी तरह सुरक्षित है।
मुख्यमंत्री कहा ने खराब मौसम होने बावजूद व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। आगे की जिम्मेदारी एसडीआरएफ को दी गई है। निम व पुलिस प्रशासन सहयोग कर रहा है। दलदली व फिसलन भरा रास्ता होने के कारण ही वाण से आगे कम संख्या में लोगों की अनुमति दिए जाने का निर्णय लिया गया। लोगों ने भी हमारे अनुरोध को स्वीकार किया और स्वयं ही वापस आ रहे हैं।