फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   CM Harish Rawat Forgot adopting village.

नौ माह पहले जिसे गोद लिया भूल गए उसे मुख्यमंत्री

Fri, 21 Oct 2016 10:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सुल्तानपुर (हरिद्वार)
ब्यूरो/अमर उजाला, सुल्तानपुर (हरिद्वार) Updated Fri, 21 Oct 2016 10:41 PM IST
सार

  • ग्रामीणों ने सुध नहीं लेने का लगाया आरोप
  • नौ माह पहले गोद लेने पर जगी थी विकास की आस
  • अफसरों के दावे हवाई, समस्या जस की तस

विज्ञापन
CM Harish Rawat Forgot adopting village.
हरीश रावत - फोटो : file photo

विस्तार

विज्ञापन

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नौ माह पहले जिसे गोद लिया था उसे वह भूल गए। मुख्यमंत्री की इस अनदेखी से ग्रामीणों की आस टूटती जा रही है।

नौ माह पहले मुख्यमंत्री हरीश रावत ने फतवा गांव को गोद लिया था। अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर न सिर्फ इसकी जानकारी दी थी, बल्कि समस्याओं के समाधान की भी आस जगाई थी। 

उपेक्षा से आहत ग्रामीणों ने अब मुख्यमंत्री पर गांव की अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अधिकारियों की ओर से दिखाए गए सपनों पर भी पानी फिरता नजर आ रहा है। 
विज्ञापन


करीब 4500 की आबादी वाले लक्सर तहसील के फतवा गांव को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने करीब नौ महीने पहले गोद लिया था। 

इसकी जानकारी 19 फरवरी सन 2016 को डीडीओ एसएस शर्मा ने गांव में ग्रामीणों की बैठक में दी थी। साथ ही कहा था कि अब इस गांव के ग्रामीणों को किसी भी समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

गोद लिया, लेकिन फिर गांव में आकर झांका तक नहीं

CM Harish Rawat Forgot adopting village.
हरीश रावत - फोटो : ‌file photo

इसके विपरीत अब मुख्यमंत्री हरीश रावत को इस गांव को गोद लिये हुए करीब नौ महीने बीत चुके हैं, लेकिन गांव में विकास कार्य कराना तो दूर मुख्यमंत्री ने नौ महीने के अपने कार्यकाल में एक बार भी गांव में आकर झांका तक नहीं। 

ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन मुख्यमंत्री हरीश रावत का हरिद्वार दौरा रहता है। इसके बावजूद उन्होंने पिछले नौ महीने में एक बार भी गांव की ओर रुख नहीं किया। 

उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव के लिए प्रतिदिन कोई न कोई जनप्रतिनिधि गांव में जनसभा कर रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री हरीश रावत गोद लेने के बाद भी फतवा गांव को भूल गए हैं। 

ग्राम प्रधान अनिल कुमार सैनी का कहना है कि मुख्यमंत्री की ओर से फतवा गांव को गोद लेने के बाद उनकी ओर से गांव में आज तक कोई विकास कार्य नहीं हो पाया है। इससे ग्रामीण खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। 

ग्रामीणों की सुनिए, जरा हाल तो जान लेते ...

CM Harish Rawat Forgot adopting village.
पानी की समस्या - फोटो : demo
  • मुख्यमंत्री हरीश रावत फतवा गांव को गोद लेकर भूल गए हैं। कम से कम गांव में आकर एक बार ग्रामीणों की समस्या ही जान लेते तो लोगों को तसल्ली हो जाती। 

             ..ग्रामीण, हरी सिंह

  • मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से गांव को गोद लिए जाने के बाद ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति की उम्मीद थी, लेकिन आज तक यह भी संभव नहीं हो पाई है। 

          ..ग्रामीण, बाबूराम

  •  अधिकारी की ओर से नौ महीने पहले गांव को गोद लेने की जानकारी दी गई थी। उस समय लगा था कि अब शायद गांव का विकास होगा, लेकिन नेता और मंत्री वादे कर भूल जाते हैं। यह हम भूल गए थे।

         ..ग्रामीण, मनोज कुमार

  • विधानसभा चुनाव के लिए तमाम जनप्रतिनिधि फतवा गांव में सभा कर रहे हैं, लेकिन गोद लेने के बावजूद मुख्यमंत्री की ओर से सुध नहीं ली जा रही है। 

            -ग्रामीण, सोनेकुमार
           इनसेट
गांव की मुख्य समस्याएं
1- गांव में ओवरहेड टैंक नहीं होने से ग्रामीणों को दूषित पेयजल पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
2- गांव में पेयजल के लिए लगाए गए हैंडपंप में से करीब 80 प्रतिशत खराब हो चुके हैं।
3- फतवा गांव से अलावलपुर गांव जाने वाला मुख्य मार्ग क्षतिग्रस्त है जिससे आए दिन ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। 
4- गांव में बने सीसी मार्ग के किनारे नालियों नहीं होने पर रास्ते में जलभराव की समस्या बनी हुई है।
5- गांव में करीब 90 प्रतिशत हिंदू होने के बावजूद कोई श्मशान घाट नहीं है।
6- गांव में विद्युत सप्लाई देने वाली विद्युत लाइन जर्जर अवस्था में है। आए दिन फाल्ट की समस्या आम हो गई है।
7- स्वास्थ्य संबंधित कोई सुविधा गांव में उपलब्ध नहीं है। इससे ग्रामीणों को मामूली उपचार के लिए भी रुड़की और हरिद्वार का रुख करना पड़ता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed