फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   cm harish rawat did not appear in front CBI

स्टिंग केसः CBI के सामने नहीं पेश हुए उत्तराखंड सीएम, अब 7 को होना है पेश

Mon, 26 Dec 2016 08:55 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 26 Dec 2016 08:55 PM IST
विज्ञापन
cm harish rawat did not appear in front CBI
हरीश रावत - फोटो : Self

उत्तराखंड मुख्यमंत्री हरीश रावत को स्टिंग मामले में सोमवार को सीबीआई के सामने पेश नहीं होंगे। सोमवार को मुख्यमंत्री रावत दिल्ली नहीं गए। वह देहरादून स्थित बीजापुर गेस्ट हाउस में अधिकारियों की मीटिंग लेते हुए दिखाई दिए।

विज्ञापन


सीबीआई कोर्ट ने मुख्यमंत्री हरीश रावत की पेशी की अगली सुनवाई की तारीख सात जनवरी तय की है।

खबर है कि हरीश रावत ने सीबीआई को कोर्ट में पेश होने में असमर्थता जताते हुए अर्जी भेजी है। जो कि कोर्ट द्वारा रिसीव कर ली गई है। दरअसल, दो दिन पहले मुख्यमंत्री रावत को सीबीआई ने समन जारी किया गया था। इससे पहले भी वे दो बार सीबीआई के सामने पेश हो चुके हैं। 
विज्ञापन

 


समन पर रावत ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव से ठीक पहले उन्हें सीबीआई से समन जारी करने के पीछे सरकार की साजिश है। सीबीआई ने सीएम हरीश रावत को समन जारी कर 26 को को कोर्ट में पेश होने को कहा था।

स्टिंग में आंख बंद कर लूंगा की बातचीत को CM ने स्वीकारा

cm harish rawat did not appear in front CBI
हरीश रावत - फोटो : AmarUjala

रावत का कहना है कि बीजेपी को पता है कि वो रावत से चुनाव में मुकाबला नहीं कर सकती है इसलिए ऐसा दांव खेल रही है। देहरादून में मीडिया से मुखातिब होते हुए सीएम ने फिर से स्टिंग ऑपरेशन को साजिश बताया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन में राज्यपाल ने केंद्र से सीबीआई जांच की सिफारिश की थी जबकि निर्वाचित सरकार ने संस्तुति नहीं की। यदि ऐसे ही सीबीआई जांच होती रहीं तो कोई नहीं बचेगा। राष्ट्रपति शासन स्टिंग के आधार पर लगाया था लेकिन उसे सुप्रीम कोर्ट ने नकार दिया। फिर स्टिंग मामले में जांच बनती ही नहीं है। जब किसी विधायक को खरीदा ही नहीं गया तो खरीद-फरोख्त की बात कहां से आई।

स्टिंग में आंख बंद कर लूंगा की बातचीत को उन्होंने स्वीकारा पर कहा कि सत्ता में रहते हुए कुछ समझौते करने पड़ते हैं। उन्होंने सरकार गिराने की साजिश रचने वालों की जांच की भी मांग की। उनकी मांग है कि दो साल तक सीएम आवास में दलाली करने वाले, तथाकथित स्टिंगबाज के पास मोटी धनराशि और सरकार को गिराने की साजिश रचने वालों के खिलाफ जांच होनी चाहिए।

बकौल सीएम, मेरा विचार स्टिंग मामले की न्यायिक जांच कराने का था। बाद में इसे उलझाने के बजाय मैंने कोर्ट पर ही भरोसा जताया। वहीं से मैं निर्दोष साबित होऊंगा। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि मैंने प्रारंभिक जांच शुरू होने पर कहा था कि सीबीआई को पूरा सहयोग करूंगा।

लेकिन सीबीआई की पूछताछ मेरी इच्छा के स्थान पर हो। यह भी साफ किया कि दो दिन पहले हाईकोर्ट में केवल जांच जल्दी करने की दरख्वास्त दी थी। खुद दूसरा पक्ष सुनवाई के लिए तैयार नहीं था। पूछताछ के लिए दिल्ली जाने के सवाल पर उन्होंने कोई साफ जवाब नहीं दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed