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जल्द निकल सकती है, उर्दू टीचरों की वेकेंसी

Tue, 23 Aug 2016 08:42 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 23 Aug 2016 08:42 AM IST
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cm harish rawat answer public question
हरीश रावत - फोटो : अमरउजाला

उत्तराखंड के निवासियों के लिए किसी अखबार (अमर उजाला ) के जरिए सीएम से रूबरू होने का यह पहला अनुभव है। बड़ी संख्या में हमारे पाठकों ने धन्यवाद ज्ञापित किया और नए सवाल हमारे सामने रख दिए।

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पाठकों को विन्रमता से बताना चाहते हैं कि फिलहाल हम बुधवार तक आए सवाल ही इस श्रृंखला में शामिल कर सकेंगे। हम दोबारा बताना चाहेंगे कि कई पाठकों ने एक ही विषय पर सवाल पूछे हैं, लिहाजा उनके जवाब अलग-अलग नहीं दिए जाएंगे। व्यक्तिगत सवालों के संबंध में सीएम कार्यालय द्वारा सीधे अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है।
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वे सवाल इस श्रृंखला में शामिल नहीं होंगे। इस श्रृंखला से पाठकों की अपेक्षाएं बहुत बढ़ गईं हैं। हमारा दोबारा अनुरोध है कि इस श्रृंखला से बहुत ज्यादा उम्मीद न लगाएं कि सीएम आपका सवाल सुनेंगे और तत्काल हल भी निकल आएगा। हमारा वादा आपकी बात सीएम तक और उनसे मिले जवाब को अमर उजाला के जरिए आप तक पहुंचना है। हमें उम्मीद है कि कुछ लोगों को राहत मिलेगी, मगर ऐसा नहीं लगता कि रातों-रात सब कुछ बदल जाएगा।
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आपके सवाल-सीएम के जवाब
अनीस अहमद, सुल्तानपुर-ऊधमसिंहनगर : प्रदेश में आज तक एक भी उर्दू टीचर की वेकैंसी नहीं निकाली गई ऐसा क्यों?
सीएम : अब यह शिकायत जल्द ही दूर हो जाएगी।

पीसी तिवारी, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी अध्यक्ष, अल्मोड़ा: नैनीसार, 353 नाली जमीन बगैर किसानों से पूछे दे दी गई, 22 अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय स्कूल का शिलान्यास कर दिया गया। ये जमीन बंजर बताई गई जबकि ऐसा नहीं है नानीसार का असल मतलब कुंमाऊ में किसानी की जमीन होता है, कई हरे पेड़ काट दिए गए। इस बारे में आप तक भी जानकारी पहुंची पर आप चुप्पी साधे रहे क्यों?
सीएम : गलत लोगों के बकावे में न आएं। सरकार की मंशा गैर आबाद, दुर्गम क्षेत्र में गुणवत्तापरक शिक्षा देने की रही है। सरकार की नीति है कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्कूल, अस्पताल आदि को बढ़वा देंगे। इससे रोजगार के नए अवसर भी आएंगे।

नरेंद्र सिंह रावत, पौड़ी, ब्लाक : प्राथमिक विद्यालय चांद खेत, जीर्णशीर्ण अवस्था में है, डीएम को शिकायत की पर कोई सुनवाई नहीं हुई, जबकि मंडल मुख्यालय यहां से मात्र आठ किलोमीटर की दूरी पर है। एकमात्र घुड़दौड़ी मोटरमार्ग आज तक कच्चा है। कब बहुरेंगे दिन?
सीएम : इस संबंध में जिलाधिकारी को कह रहा हूं।

चंद्रशेखर, हल्द्वानी : जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के 95 ब्लाकों में जैविक मास्टर ट्रेनर रखे गए जो जैविक खेती के प्रति किसानों को प्रशिक्षित कर रहे हैं, इन्हें सात हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय तय है। जो साल में एक बार 84 हजार रुपये मिलता है। कायदे वेतन प्रतिमाह होना चाहिए। क्या इस बारे में आप ध्यान देंगे। हमें कोई अपना मानने को भी तैयार नहीं है, जैविक बोर्ड कार्य योजना बनाता है, जबकि कृषि विभाग हमारी जिम्मेदारी तय करता है। पर दोनों ही हमें अपना मानने को तैयार नहीं।
सीएम : कई विभागों में तदर्थ व्यवस्था चलाने से कई जटिलताए आई हैं। हम विभागों का ढांचा और नियमावली बनाने पर जोर दे रहे हैं। यह स्थाई हल होगा।

अंबाराम आर्य, बागेश्वर ; आपदा केबादद जो सड़कें बनाई जा रही है, उन्हें कोई सरकारी विभाग क्यों मॉनिटरिंग नहीं कर रहा है? ठेकेदार अपनी मनमर्जी से काम कर रहे हैं? जिसमें मानक का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। आप कुछ करेंगे इस दिशा में।
सीएम : डीएम को मानिटरिंग करने को कहा है। आप भी नजर रखें, कोई गड़बड़ी हो तो जिलाधिकारी को जरूर बताएं। 

उमेश,  लोहाघाट : जैसे बच्चा झूठ बोलता है तो उसे सजा मिलती है, ऐसे में सरकार या प्रतिनिधि की ओर से की जा रही झूठी घोषणा पर रोक लगनी चाहिए। साथ ही सजा का प्रावधान होना चाहिए, क्या कहना है आपका?
सीएम : हम अपनी घोषणाओं की सतत समीक्षा कर रहे हैं। हमें जनता की अदालत में जाना है। हमें जनता पर भरोसा है, वहीं सब तय करेगी। 

जितेंद्र सिंह रावत, श्रीनगर : नवंबर 2014 में श्रीनगर ग्राम सभा स्वीत में सिचाई लिफ्ट पंप की घोषणा की थी जो कि अब तक नहीं लगवाई गई है। जिसकी वजह से किसानों को समय-समय पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सीएम : जिलाधिकारी को कार्रवाई को कहा है।

अनिल गिरी : सीएम साहब काठगोदाम, गोलापार गंगानगर में आज तक बिजली नहीं है। यह स्थिति तब है जबकि आपने पत्र लिखा लेकिन आज तक किसी अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।

सीएम : एमडी यूपीसीएल को कार्रवाई को कहा है।

कमल बिष्ट, कौंट, नैनीताल : हमारे यहां आजादी के 69 साल बाद भी सड़क नहीं है, जबकि हम जिला मुख्यालय से ज्याद दूर भी नहीं रहते हैं। मेन रोड से हमारा गांव 10 किलोमीटर की दूरी पर है। कभी कोई बीमार पड़ जाता है या महिला का प्रसव होना होता है, तो उसे कुर्सी में बैठाकर लाया जाता है। बड़ी-बड़ी बाते करने वाली सरकार क्या इस ओर ध्यान देगी। अगर चुनाव तक कुछ नहीं हुआ तो गांव के लोग चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
सीएम : हर गांव को सड़क से जोड़ना मेरा संकल्प है। मेरा गांव-मेरी सड़क सहित इस दिशा में तेजी से कार्य कर रहा हूं।

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