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उत्तराखंडः कई गांवों में बादल फटे, बह गए घर और खेत

Mon, 27 Jul 2015 09:07 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, रुद्रप्रयाग/तिलवाड़ा
ब्यूरो / अमर उजाला, रुद्रप्रयाग/तिलवाड़ा Updated Mon, 27 Jul 2015 09:07 AM IST
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cloudburst in many place of uttarakhand.

उत्तराखंड के कई गांवों में बादल फटने से तबाही मच गई। मानसून के इस कहर से आवासीय भवनों व कृषि भूमि को भारी नुकसान हुआ है।

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शनिवार देर रात मूसलाधार बारिश हुई जिससे जिले में जखोली और अगस्त्यमुनि ब्लॉक के अलग-अलग गांवों में बरसाती गदेरों में बादल फटा। इसमें आवासीय भवनों व कृषि भूमि को भारी नुकसान हुआ। पेयजल लाइनें व सिंचाई नहरें ध्वस्त हो गईं।

पुलिस और प्रशासन द्वारा प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लेने के बाद प्रभावित परिवारों को फौरी तौर पर मदद दी गई है। गांवों में लोग दहशत में जी रहे हैं। बादलों की तेज गर्जना और बिजली की चमक के साथ हुई मूसलाधार बारिश से ग्राम पंचायत बर्सू के जयमंडी गांव में भारी नुकसान हुआ।
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गांव के निकट बह रहे चारगढ़ गदेरे में ऊपरी क्षेत्र में बादल फटने से भारी मलबा और पानी बढ़ गया जिससे गांव की कई नाली कृषि भूमि बह गई। दो मकानों में मलबा घुस गया।
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गांव की लघु सिंचाई नहर, पेयजल लाइन, पैदल रास्ता और गांव को रुद्रप्रयाग से जोड़ने के लिए बनी पैदल पुलिया भी बरसाती गदेरे के सैलाब में बह गई। ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि गदेरे के दोनों तरफ भू-कटाव हुआ है जिससे दो मकानों को खतरा पैदा हो गया है।

ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थानों पर ली शरण

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ग्राम पंचायत घोलतीर के मवाणा गांव में भी मूसलाधार बारिश में गदेरे के ऊपरी तरफ बादल फटने से बरसाती पानी उफान से एक आवासीय घर में मलबा घुस गया। मलबे की चपेट में आने से कई नाली कृषि भूमि भी बर्बाद हो गई है।

लोग रात को अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों पर शरण ली। ग्राम प्रधान रेखा देवी ने बताया कि ग्रामीण सपना देवी के मकान में मलबा घुस गया। जबकि संजीव सिंह बिष्ट, मुरली लाल, हरेंद्र सिंह के खेत मलबे से पूरी तरह नष्ट हो गए हैं।

गांव की सिंचाई नहर और पेयजल लाइन भी गदेरे के उफान से क्षतिग्रस्त हो गई है। सूचना पर रात को ही तहसीलदार एमएल भेतवाल टीम सहित मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने बताया कि जयमंडी और मवाणा गांव के प्रभावित परिवारों को फौरी आर्थिक मदद दे दी गई है।

सुरक्षा की दृष्टि से प्रभावित परिवारों को अन्यत्र शरण दे दी गई है। दूसरी तरफ जखोली ब्लॉक के ग्राम पंचायत चाका गांव के निकट बह रहे गदेरे में ऊपर जंगल क्षेत्र में बादल फटने से दो आवासीय घरों को नुकसान पहुंचा है। जबकि 10 से अधिक  मकानों को खतरा पैदा हो गया है।

गांव की पेयजल लाइन भी गदेरे के बहाव में बह गई है जिससे गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। ग्राम प्रधान विक्रम पंवार ने बताया कि गांव में दहशत का माहौल बना है। बीते वर्ष भी गांव के पूर्वी क्षेत्र में बादल फटा था। जखोली तहसील के कानून-गो केसी पंत ने बताया कि प्रभावित परिवारों को त्वरित मदद दे दी गई है।

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