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क्लास में बैठी, हाजिरी लगी, फिर क्या हुआ ?
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 13 Jan 2014 09:57 AM IST
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राजधानी देहरादून में एक स्कूल के क्लर्क ने एडमिशन के नाम पर एक छात्रा से दस हजार रुपए वसूल लिए।
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धोखाधड़ी से छात्रा के दो साल बर्बाद
छात्रा कक्षा में बैठी, उसकी हाजिरी भी लगी लेकिन बाद में पता चला कि एडमिशन रेगुलर नहीं है। क्लर्क ने ओपन बोर्ड का झांसा दिया, लेकिन फिर परीक्षा नहीं करवाई। क्लर्क की धोखाधड़ी से छात्रा के दो साल बर्बाद हो चुके हैं।
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पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। यमुनानगर हरियाणा निवासी नवीं की एक छात्रा पिता के निधन के बाद आगे पढ़ाई के लिए क्लेमेंटटाउन निवासी अपने मौसा अरुण कुमार के यहां आ गई।
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अरुण ने सुभाषनगर स्थित दयानंद कन्या इंटर कॉलेज में वर्ष 2012 में दसवीं कक्षा में एडमिशन के लिए संपर्क किया। वहां उनकी मुलाकात कालेज के क्लर्क रवींद्र चौधरी से हुई। रवींद्र ने पिछले स्कूल की टीसी और जरूरी दस्तावेज खुद ही मंगा लेने की बात कहते हुए अरुण से दस हजार रुपए ले लिए।
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कुछ समय बाद छात्रा को एडमिशन की जानकारी दी गई। इस पर वह कक्षा में पढ़ने लगी। उसने अर्द्धवार्षिक और प्री बोर्ड परीक्षा भी दी, लेकिन बाद में उसका बोर्ड फॉर्म नहीं भरवाया गया। अरुण ने पूछताछ की तो बताया गया कि एडमिशन रेगुलर नहीं हो सका था।
मुकदमा दर्ज
रवींद्र ने उन्हें अगले साल ओपन बोर्ड से परीक्षा कराने का वादा किया। लेकिन 2013-14 में ओपन बोर्ड में भी छात्रा का दाखिला नहीं कराया गया। अरुण ने रवींद्र के खिलाफ मुकदमा करा दिया है।
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जांच अधिकारी सुजीत सिंह का कहना है कि मामले में कॉलेज प्रिंसिपल की भूमिका भी संदिग्ध है। बताया कि कई और छात्राओं को भी इस तरह ठगे जाने की आशंका है। पुलिस कॉलेज के रिकार्ड खंगाल रही है।