CLAT 2019: गौरी का सिविल सेवा में जाने का सपना, सफलता पाने के लिए बताए टिप्स
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क्लैट परीक्षा में 232वीं रैंक हासिल करने वाली गौरी शर्मा का सपना सिविल सेवा के क्षेत्र में जाने का है। उनका कहना है कि वह दिल्ली विवि में भी एडमिशन की राह देख रही हैं जबकि लॉ करने का इरादा भी अभी छोड़ा नहीं है।साकेत कॉलोनी अजबपुर निवासी गौरी शर्मा ने क्लैट में 200 में से 158 अंकों के साथ ऑल इंडिया 232वीं रैंक हासिल की है। गौरी के पिता सचिन कुमार इंजीनियर हैं जबकि मां दीपशिखा शर्मा सरकारी जॉब में हैं। उन्होंने ब्राइटलैंड स्कूल से 98.2 प्रतिशत अंकों के साथ 10वीं, 98.25 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं पास की। 12वीं की तैयारी के दौरान ही उन्होंने क्लैट की भी तैयारी की। पहले ही प्रयास में पूरे देश में यह रैंक पाई। गौरी ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया से काफी दिन पहले दूरी बना ली थी।
दिल्ली विवि में बेहतर कॉलेज का इंतजार
गौरी को दिल्ली विश्वविद्यालय में बेहतर कॉलेज का इंतजार है। उन्होंने बताया कि अगर बेहतर कॉलेज मिला तो इकोनॉमिक्स ऑनर्स या स्टैटिस्टिक्स ऑनर्स करना चाहती हैं। इसके बाद सिविल सेवा के क्षेत्र में जाना चाहती हैं। हालांकि उन्होंने अभी लॉ करने का इरादा छोड़ा नहीं है।
प्रतिदिन दो से तीन घंटे पढ़ाई
क्लैट की तैयारी करने वालों के लिए गौरी का कहना है कि कम से कम दो से तीन घंटे रोजाना पढ़ाई जरूरी है। इसके अलावा करेंट अफेयर्स पर खास ध्यान रखा जाना चाहिए। पढ़ाई पूरी प्लानिंग के साथ करनी चाहिए।
इंटरनेशनल लॉ में कॅरियर बनाने का सपना
क्लैट में ऑल इंडिया 290वीं रैंक हासिल करने वाली चारू शर्मा इंटरनेशनल लॉ में कॅरियर बनाना चाहती हैं। उन्हें प्रवेश परीक्षा से एनएलयू जोधपुर मिला है। यमुना कालोनी निवासी चारू ने क्लैट में 200 में से 156.25 अंक हासिल किए हैं। उनके पिता आलोक कुमार उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड में लीगल एडवाइजर हैं। मां निशा गृहिणी हैं।
चारू ने दून इंटरनेशनल स्कूल से 10 सीजीपीए के साथ 10वीं पास की। उसके बाद इसी साल 98.2 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं पास की है। लॉ करने के बाद चारू का सपना इंटरनेशनल लॉ के क्षेत्र में काम करने का है। चारू ने एनएलयू दिल्ली की प्रवेश परीक्षा में 99वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने पहले प्रयास में इस परीक्षा में सफलता हासिल की है।