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दरबार साहिब की ओर से नगर परिक्रमा
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 23 Mar 2014 10:14 AM IST
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उत्तराखंड की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक पहचान श्री गुरु रामराय दरबार और झंडा मेला का महत्व रविवार को संगतें बताएंगी।
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विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों पर जाएंगी संगतें
दरबार साहिब की नगर परिक्रमा के तहत संगतें दरबार से जुड़े विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों पर जाएंगी। श्री दरबार साहिब के जनसंपर्क अधिकारी भगवती प्रसाद सकलानी ने बताया कि रविवार को चैत्र कृष्ण सप्तमी है।
परंपरानुसार पंचमी (होली पर्व के पांच दिन बाद) झंडाजी का आरोहण कर मेले का विधिवत प्रारंभ किया जाता है और सप्तमी को नगर परिक्रमा निकाली जाती है।
परिक्रमा के दौरान संगतें दरबार से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों मातावाला बाग, बांबे बाग, श्री दरबार साहिब के महंतों के समाधिस्थल आदि स्थानों पर जाती हैं। परिक्रमा के जरिये दरबार के ऐतिहासिक महत्व से भी आम जनता को रूबरू कराया जाता है।
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सकलानी ने बताया कि शनिवार को श्री दरबार साहिब में पंडितों ने पंचांग के आधार पर अगले वर्ष झंडारोहण के लिए 11 मार्च की तिथि दी है। यह तारीख सभी संगतों को बता दी गई है।
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बताया कि अगले साल झंडेजी पर चढ़ने वाले सादे गिलाफों के लिए 26 मार्च की सुबह नौ बजे पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। कोई भी श्रद्धालु पंजीकरण करा सकता है।
आज विदा हो जाएंगी संगतें
झंडाजी मेले के लिए उत्तराखंड समेत पंजाब, हरियाणा, यूपी आदि प्रदेशों से कई संगतें श्री दरबार साहिब आती हैं। इस वर्ष भी संगतों से जुड़े हजारों श्रद्धालु दरबार साहिब पहुंचे हैं।
सबसे पहले पंजाब से पैदल संगत होली से दो दिन पूर्व दरबार साहिब पहुंचती है। यही संगत झंडेजी के लिए गिलाफ सिलने का काम भी करती है।
इसके बाद मेला शुरू होने तक संगतों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहता है। परंपरानुसार सप्तमी को नगर परिक्रमा के बाद संगतें अपने स्थानों के लिए लौट जाती हैं।
रविवार को परिक्रमा के बाद सभी संगतें दरबार साहिब से विदा लेंगी। इससे पूर्व शनिवार को भी दरबार में महंत देवेंद्रदास से आशीर्वाद लेने के लिए संगतें उमड़ती रहीं।