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अभिनेता ललित तिवारी ने कहा, भाषा के तौर पर समझी जाए सिनेमा
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 15 Jun 2016 09:28 AM IST
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actor lalit tiwari in dehradun
- फोटो : amar ujala
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जितनी तेजी से वीडियो कम्यूनिकेशन आगे बढ़ रहा है, इसको देखते हुए आज इसे एक भाषा की तरह विकसित करने की आवश्यकता है।
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कम्यूनिकेशन का माध्यम मानी जाने वाली हिंदी और अंग्रेजी के अलावा अन्य भाषाओं की तरह अब सिनेमा को भी एक भाषा के तौर पर देखा जाना चाहिए। वेलडन अब्बा, लम्हे, भ्रष्टाचार, चांदनी और सूरज का सातवां घोड़ा सहित कई नामी फिल्मों में अदाकारी का जौहर दिखा चुके अभिनेता ललित मोहन तिवारी ने दून पहुंचकर यह विचार व्यक्त किया।
वह यहां सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल में 16 जून से इंस्टेट आक्सीजन की ओर से अमर उजाला के सहयोग से होने वाली फिल्म मेकिंग वर्कशॉप में शिरकत करने आए हैं। मूल रूप से नैनीताल निवासी ललित मोहन तिवारी ने फिल्म और थियेटर को जीया है। वह नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के एल्युमिनाई हैं।
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अमर उजाला से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि आज के युवा बेशक अच्छी पर्सनालिटी वाले हैं और उनमें फिल्मों का क्रेज है। कई युवा फिल्म मेकिंग तो कई एक्टिंग में कॅरियर बनाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें बेसिक जानकारियां नहीं होती हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सिनेमा एक भाषा के तौर पर विकसित हो रहा है।
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इससे कही जाने वाली बातें तेजी से प्रसारित होती हैं। लिहाजा सिनेमा की समझ होनी चाहिए। केवल बड़े पर्दे पर दिखने वाले एक्टर ही सिनेमा नहीं हैं, बल्कि इसका दायरा बेहद विस्तृत है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि अगर वह फिल्म, थियेटर, म्यूजिक या सिनेमा के किसी भी पहलू पर अपने कॅरियर को दिशा देना चाहते हैं तो उन्हें सबसे पहले बेसिक्स क्लियर करने चाहिए।
16 से दून में लगेगी सिनेमा की क्लास
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा और फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के एल्युमिनाई इंस्टेट आक्सीजन के तत्वावधान में अमर उजाला के सहयोग से दून में सिनेमा की क्लास लगाने पहुंच रहे हैं। इसमें नामी गिरामी कलाकार 10 दिन तक फिल्म निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की बारीकी से जानकारी देंगे।
वर्कशॉप के समन्वयक एवं एनएसडी व एफटीआईआई के एल्युमिनाई सुदर्शन जुयाल ने बताया कि दस दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन हरिद्वार बाईपास स्थित सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल में होगा। इसमें हर दिन युवाओं को कुछ फिल्में दिखाने के साथ ही अपने क्षेत्र के महारथी कलाकार फिल्म निर्माण के बारे में जानकारी देंगे।
गैंग्स ऑफ वासेपुर के इक बगल में चांद होगा फेम पीयूष मिश्रा, तारे जमीं पर फेम एनएसडी के एल्युमिनाई एक्टर व डायरेक्टर एमके रैना, एफटीआईआई के एल्युमिनाई आशीष पंड्या, एफटीआईआई के एल्युमिनाई एक्टर व डायरेक्टर गुरपाल सिंह जैसी हस्तियां वर्कशॉप में शामिल होंगी। इसके लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पंजीकरण के लिए ईसी रोड स्थित इंस्टेट ऑक्सीजन के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।