उत्तराखंडः अनोखे ढंग से क्रिसमस मनाता है वर्गीज परिवार
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देहरादून निवासी नाबार्ड प्रबंधक अनीता वर्गीज, उनके पति वर्गीज अब्राहम और बिटिया रिहया इन दिनों काफी व्यस्त हैं।
पहले एडवेंट डे और अब क्रिसमस वीक में पूरा परिवार प्रभु यीशु के आगमन पूर्व की खुशियों में मशगूल है। मूल रूप से केरल निवासी वर्गीज परिवार दून में सामाजिक तौर पर सक्रिय हैं। मलयालम समाज, कैथोलिक क्रिश्चियन सोसायटी और सेंट फ्रांसिस चर्च से जुड़े लोगों के साथ मिलकर परिवार खुशियां मना रहा है।
वर्गीज परिवार सहस्त्रधारा मार्ग स्थित अमन अपार्टमेंट में रहता है। नई बात यह है कि यह परिवार मलयाली संस्कृति, कैथोलिक पद्धति और दून के समाज के हिसाब से क्रिसमस वीक मनाता है। सुबह उठने के बाद प्रार्थना होती है। इसके बाद खास तरह का नाश्ता बनता है।
चूंकि अनीता वर्गीज भी सरकारी सेवा में हैं, इसलिए वह तो शाम तक व्यस्त रहती हैं। लेकिन बिटिया और पति मलयालम समाज संस्था से जुड़े मित्रों के पास जाते हैं। मलयाली समाज के अध्यक्ष एपीजी नायर विशेष तौर पर क्रिसमस समारोह का आयोजन करते हैं। यहां मलायाली समुदाय के हिंदू, मुस्लिम, ईसाई सभी मिलकर त्योहार मनाते हैं।
सिर्फ क्रिममस वीक ही नहीं बल्कि ओणम, ईद, अय्यपा पूजन में सभी मिलते हैं। अनीता जब घर लौटती हैं तो शाम को पूरा परिवार शॉपिंग करता है। घर आकर वह स्पेशल डिनर की तैयारी में जुट जाती हैं। कई परिवार उनके घर पर जो आते हैं।
लेकिन ये लोग केरल के रोमन कैथोलिक एडवेंट डे, यानि एक दिसंबर से बड़े दिन तक मांसाहार का सेवन नहीं करते। लिहाजा केरल के एक से बढ़कर एक शाकाहारी पकवान बनते हैं। तमाम वैरायटी के इडली सांबर, वडा, आप्पे, आपम, डोसा।
क्रिसमस पर बेशुमार केक
क्रिसमस पर सारा जोर केक और मिष्ठानों पर रहता है। कॉन्वेंट ऑफ जीजस एंड मैरी में कक्षा पांच की छात्रा रिहया इन दिनों बेहद व्यस्त है। वह कैरल में शिरकत करती है। घर की साज सज्जा में सबसे आगे रहती है। वह कैटेशिज्म का भी हिस्सा है। कैटेशिज्म, यानि धार्मिक शिक्षा ग्रहण करने में भी वह अव्वल है।
वर्गीज परिवार के यहां भजन मंडली में सेंट फ्रांसिस चर्च के दोनों वरिष्ठ पादरी भी आए थे। उस दिन घर के साथ ही अपार्टमेंट में भी खूब रौनक रही। सबने मिलकर गीत गाए और नृत्य किया। वर्गीज परिवार इन दिनों निर्धन परिवारों के लिए भी फंड में अपना अंश देता है।
वर्गीज अब्राहम कहते हैं कि देहरादून बड़ा उदार और विविध चरित्र वाला शहर है। यहां क्रिसमस मनाने का आनंद ही अलग है। अनीता कहती हैं कि जोजेफ, मदर मैरी और यीशु की वंदना की जाती है। इनके सहकर्मी नाबार्ड के मुख्य प्रबंधक डा. सुनील पांडे कहते हैं कि हम सभी एक दूसरे त्योहारों में खुशी से शरीक होते हैं।