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चाइना की चटाई पर होगा भारतीय योग
डॉ. योगेश योगी/ अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Sat, 20 Jun 2015 09:13 AM IST
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चीन की चटाई (मैट) पर स्वदेशी योग हो रहा है। बाजार में इस समय 95 प्रतिशत चाइना ‘योगा मैट’ बिक रहा है।
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जबकि भारतीय मैट महज पांच प्रतिशत हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए भी बड़ी संख्या में लोग ‘चाइना मैट’ ही खरीद रहे हैं। भारतीय योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलने के बाद पूरे देश में 21 जून को विश्व योग दिवस मनाने की तैयारी चल रही है।
स्वदेशी योग को विश्व में मान्यता मिलने की खुशी के बीच यह बात चिंतित है कि हम चीन के बेस (मैट) पर योग कर रहे हैं। बाजार में रबराइज एवं नायलॉन मिक्स चाइनीज मैट की बिक्री खूब हो रही है। देश में योग के बड़े केंद्र हरिद्वार और ऋषिकेश में हर तरफ यही मैट बिक रहा है।
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यह तब है जबकि भारतीय चटाई और चाइना मैट के दाम में ज्यादा अंतर नहीं है। चाइना मैट 300 रुपये से 600 रुपये तक उपलब्ध है। जबकि इसी रेंज में कॉटन, जूट एवं कपड़े से बनी चटाई भी उपलब्ध है।
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बाजार में चाइना मैट की मांग है। होलसेलर और फुटकर दोनों तरह के दुकानदार इसी की मांग करते हैं। हल्का और फोल्ड होने में आसान होने के चलते लोग इसे पसंद कर रहे हैं। बाजार में 95 प्रतिशत चाइना मैट है।
- पवन राठी, आयातक योगा मैट, दिल्ली
हरिद्वार-ऋषिकेश के बाजार में चाइना का बना मैट बिकता है। अधिकतर दुकानदारों के पास योग के लिए भारतीय विकल्प नहीं है। कोई ही दुकानदार होगा जो भारतीय मैट बेचता हो।
- प्रदीप अग्रवाल, मैट विक्रेता, ज्वालापुर, हरिद्वार
योग करने के लिए जूट और उसके ऊपर कपड़ा लगाकर बना भारतीय योग मैट बेहतर है। चाइनीज मैट में पसीना आने पर त्वचा की बीमारी होने जैसे खतरे रहते हैं। जूट और कपड़े से बने भारतीय योग मैट के प्रयोग से ऐसी हानि होने की आशंका नहीं है।
- डॉ. लक्ष्मीनारायण जोशी, विभागाध्यक्ष योग, उत्तराखंड संस्कृत विवि हरिद्वार