उत्तराखंड में पांच हजार करोड़ का निवेश करेगा चीन, 15 हजार युवाओं को मिलेगी नौकरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब और हरियाणा के बजाय चीनी उद्यमियों को उत्तराखंड भाया है। निवेश करने की संभावना के मद्देनजर प्रदेश के दौरे पर आए शंघाई के लुओयांग चैंबर ऑफ कार्मस के सदस्यों ने सोमवार को विधानसभा में वित्त मंत्री प्रकाश पंत और उसके बाद राज्य सचिवालय में मुख्य सचिव एस. रामास्वामी से मुलाकात की।
इस मुलाकात को बेहद अहम बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इससे प्रदेश में 5000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है और जिसमें 10 से 15 हजार युवाओं को रोजगार मिल सकता है। बता दें कि सिडकुल सितारगंज में योयोगो कंपनी स्थापना का कार्य शुरू हो गया है। 600 करोड रुपए के पूंजी निवेश के पहले चरण में 300 करोड़ रुपए का कार्य चल रहा है। इस टेक्सटाइल इकाई से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
झाऊशिया ओकाई द्वारा स्थापित इस औद्योगिक इकाई से प्रभावित होकर लुओयांग चैम्बर ऑफ कॉमर्स के सदस्य उत्तराखंड में पूंजी निवेश के लिए दौरे पर हैं। इन्हें सिडकुल हरिद्वार और सितारगंज का भ्रमण कराया गया। सोमवार को विधानसभा प्रतिनिधिमंडल के 10 सदस्यीय दल ने वित्त मंत्री से मुलाकात की और राज्य में औद्योगिक निवेश की इच्छा जाहिर की।
पंत ने कहा कि चीनी उद्यमियों ने हरियाणा और पंजाब का भी दौरा किया था। लेकिन निवेश के लिए उन्होंने उत्तराखंड में इच्छा जताई है। इससे राज्य के उद्योग व्यवसाय बढ़ाने में मदद मिलेगी तथा युवाओं को रोजगार के सुनहरे अवसर प्राप्त होंगे।
चीनी निवेश एन्क्लेव स्थापित होगा
उन्होंने सिडकुल प्रबंध निदेशक को निर्देश दिए कि वे उद्योग स्थापना में संगठन को बेहतर सेवाएं प्रदान करें। सितारगंज के विधायक सौरभ बहुगुणा ने चाइनीज प्रतिनिधिमंडल के उद्योग स्थापना की इच्छा का स्वागत किया।
इस अवसर पर लुओयांग चैम्बर्स ऑफ कामर्स के अध्यक्ष चांग बाओपिन एवं सदस्य शांग यानवेई, झांग झांओगुओ, मिस झांग शियिंग, वांग जिजहाऊ, मिस वांग झान, चांग जिओविन एवं शाऊगैंग मौजूद थे।
मुख्य सचिव ने कहा कि चीन के उद्योगों की सूची को देखते हुए राज्य में अलग से चीनी निवेश एंक्लेव की स्थापना की जाएगी। राज्य सरकार औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए विभिन्न प्रकार की सहूलियतें और छूट प्रदान कर रही है। राज्य की औद्योगिक नीति संबंधित सभी जानकारियां चीनी भाषा में अनुवाद कराकर निवेशकों को उपलब्ध कराया जाएगा।
चीनी उद्यमी राज्य में फार्मा, टेक्सटाइल्स, फल निर्मित वाइनरी, सौर ऊर्जा, कौशल विकास और मैन्युफैक्चरिंग से संबंधित इकाइयां स्थापित करना चाहते हैं। बैठक में प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव वित्त अमित नेगी भी मौजूद रहे।