{"_id":"5b3328b64f1c1b5d748b70c0","slug":"china-will-help-making-ropeway-in-mussoorie","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"भारत के इस हिल स्टेशन पर यातायात का दबाव कम करने में चीन करेगा मदद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारत के इस हिल स्टेशन पर यातायात का दबाव कम करने में चीन करेगा मदद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 27 Jun 2018 05:50 PM IST
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भारत-चीन
पर्वतों की रानी मसूरी में यातायात का दबाव कम करने के लिए चीन मदद करेगा।
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मसूरी में रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर कवायद शुरू हो गई है। चीन की एक कंपनी दून-मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट में तकनीकी सहयोग देने के लिए तैयार है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है। सरकार की कोशिश है कि अक्तूबर से पहले इस प्रोजेक्ट की टेंडर संबंधी सारी औपचारिकताओं को पूरा कर दिया जाए।
दून-मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट से सरकार उम्मीद कर रही है कि मसूरी में यातायात के दबाव को काफी हद तक कम कर दिया जाएगा।
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रोपवे प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद सीमित संख्या में ही मसूरी में जाएंगे वाहन
mussoorie
सरकार की योजना यह भी है कि रोपवे प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद सीमित संख्या में ही मसूरी में वाहनों को जाने दिया जाएगा। मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट के लिए प्राइवेट कंपनियों की दिलचस्पी से सरकार उत्साहित है। प्रोजेक्ट देश की प्राइवेट कंपनियों से ही पूरा कराया जाएगा।
सरकार ने विदेशी कंपनी से तकनीकी सहयोग जरूर लेने का इरादा जाहिर किया है। पर्यटन विभाग ने अभी तक नौ प्रमुख कंपनियों को निर्माण के संबंध में चिन्हित किया है।
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनमें से कौन सी कंपनी को काम मिलेगा, यह स्पष्ट हो जाएगा। जहां तक तकनीकी सहयोग का सवाल है, चीन की एक कंपनी के साथ बात काफी आगे बढ़ी है। हालांकि कुछ अन्य विदेशी कंपनियां भी पूर्व में तकनीकी सहयोग की पेशकश कर चुकी हैं।
सरकार ने विदेशी कंपनी से तकनीकी सहयोग जरूर लेने का इरादा जाहिर किया है। पर्यटन विभाग ने अभी तक नौ प्रमुख कंपनियों को निर्माण के संबंध में चिन्हित किया है।
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनमें से कौन सी कंपनी को काम मिलेगा, यह स्पष्ट हो जाएगा। जहां तक तकनीकी सहयोग का सवाल है, चीन की एक कंपनी के साथ बात काफी आगे बढ़ी है। हालांकि कुछ अन्य विदेशी कंपनियां भी पूर्व में तकनीकी सहयोग की पेशकश कर चुकी हैं।
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200 करोड़ के टर्नओवर वाली कंपनियां ही इस प्रोजेक्ट में कार्यदायी संस्था बनेंगी
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर के अनुसार, 200 करोड़ के टर्नओवर वाली कंपनियां ही इस प्रोजेक्ट में कार्यदायी संस्था बनने की पात्र होंगी। इस बीच, दून घाटी विकास प्राधिकरण और वन विभाग से भी एनओसी ली जाएगी। इसके अलावा जिन लोगों के घरों के ऊपर से रोपवे गुजरेगा, उनसे भी एनओसी ली जाएगी।
साहसिक खेलों के मामले में काउंटर की तैयारी
रिवर राफ्टिंग समेत अन्य साहसिक खेलों पर रोक के हाईकोर्ट के आदेश के संबंध में सरकार प्रति शपथपत्र दाखिल करने की तैयारी में है। हालांकि सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में साहसिक खेलों की नीति बनाने का काम भी शुरू कर दिया है।
पर्यटन सचिव दिलीप जालवकर के अनुसार, रिवर राफ्टिंग की नीति पहले से लागू है, लेकिन हाईकोर्ट ने सभी साहसिक खेलों के संबंध में नीति बनाने के लिए कहा है। इसे तैयार कराया जा रहा है। इसके साथ ही, सरकार हाईकोर्ट को अपना पक्ष बताने के लिए प्रति शपथपत्र दायर करने की तैयारी में है।
साहसिक खेलों के मामले में काउंटर की तैयारी
रिवर राफ्टिंग समेत अन्य साहसिक खेलों पर रोक के हाईकोर्ट के आदेश के संबंध में सरकार प्रति शपथपत्र दाखिल करने की तैयारी में है। हालांकि सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में साहसिक खेलों की नीति बनाने का काम भी शुरू कर दिया है।
पर्यटन सचिव दिलीप जालवकर के अनुसार, रिवर राफ्टिंग की नीति पहले से लागू है, लेकिन हाईकोर्ट ने सभी साहसिक खेलों के संबंध में नीति बनाने के लिए कहा है। इसे तैयार कराया जा रहा है। इसके साथ ही, सरकार हाईकोर्ट को अपना पक्ष बताने के लिए प्रति शपथपत्र दायर करने की तैयारी में है।