कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए चीन ने नहीं बनवाए शौचालय, खुले में शौच के लिए हुए मजबूर
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चीन ने कैलाश यात्रियों के लिए शौचालय नहीं बनाए हैं। जिन स्थानों पर शौचालय हैं, उनमें सफाई की उचित व्यवस्था नहीं है। डेरापुक में यात्रियों को खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
इससे महिला यात्रियों को काफी परेशानी हुई। चीन ने भारत से लगी सीमा के निकट तक काफी विकास कर लिया है। फोरलेन सड़क का काम तेजी से चल रहा है। तकलाकोट सहित अन्य स्थानों पर आलीशान इमारतों का निर्माण किया जा रहा है।
कैलाश मानसरोवर की यात्रा में शामिल होने वाले भारतीय यात्रियों के लिए पड़ावों पर शौचालय तक नहीं बनाए गए हैं। इससे यात्रियों को खुले में शौच करने को मजबूर होना पड़ा।
कैलाश के दर्शन कर लौटे 12वें दल के यात्री वीरेंद्र कुमार त्यागी और सुचेता पारेकर ने बताया कि तकलाकोट में शौचालय की सुविधा थी।
डेरापुक में शौचालय नहीं होने से खुले में शौच करना पड़ा। मानसरोवर झील के पास बनाए गए शौचालय बहुत गंदे थे। यात्री चीन के पोनी-पोर्टरों की कार्यप्रणाली से भी नाराज दिखाई दिए।
यात्रियों ने बताया कि पोनी लापरवाही से घोड़े-खच्चरों को चला रहे थे। दुर्गम पैदल मार्गों पर पोनी ज्यादा समय अपने मोबाइल फोन से खेलते रहते थे। इससे उनके दल के कुछ यात्री घोड़े से गिरकर घायल भी हुए थे। यात्रियों ने भारतीय पड़ावों पर केएमवीएन की व्यवस्थाओं के साथ ही आईटीबीपी और भारत के पोनी-पोर्टरों की जमकर तारीफ की।