भारतीय सीमा में घुसा चीनी हेलीकॉप्टर
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उत्तराखंड के चमोली जिले से लगी भारत-तिब्बत (चीन) सीमा में चीन की पीपल लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के हेलीकॉप्टर ने हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है।
डेढ़माह में दूसरी बार सीमा पर हवाई क्षेत्र का उल्लंघन कर सैन्य घुसपैठ का दूसरा मामला है। हेलीकॉप्टर घुसपैठ के बाद भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने सीमा क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी गई है।
गौरतलब है कि चीन के साथ हुए सीमा सुरक्षा सहयोग समझौता के तहत सैन्य व कूटनीतिक वार्ताओं के लिए मई माह में उत्तराखंड का माणा सेक्टर चिन्हित किया गया है। इसके बाद दो बार हवाई क्षेत्र का उल्लंघन चिंताजनक माना जा रहा है।
रक्षा, विदेश मंत्रालय को जानकारी
उत्तराखंड में चीन सीमा पार से पीएलए के हवाई क्षेत्र और सीमा उल्लंघन के मामले नए नहीं है। बीते दो माह में दूसरी बार हेलीकॉप्टर चमोली जनपद में आईटीबीपी की चौकियों पर मंडरा चुका है।
बताया जा रहा है कि 13 जून को जोशीमठ के करीब रिमखिम तक हेलीकॉप्टर घुसपैठ की घटना के बाद गृह मंत्रालय ने आईटीबीपी सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों को चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
रक्षा और विदेश मंत्रालय को सारी घटना की जानकारी दे दी गई है। नवंबर 2013 में चीनी सैनिकों के माणा पास तक पहुंचकर यहां स्थित माइलस्टोन को भी नुकसान पहुंचाने की घटना सामने आई है।
सीमा पर चौकस है आईटीबीपी
हालांकि चमोली के जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने सीमा क्षेत्र में चीनी हेलीकॉप्टर की घुसपैठ को अफवाह बताया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में आईटीबीपी के अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है।
सीमा से सटे इलाकों में मानसून सीजन में घुसपैठ आम बात मानी जाती है। आईटीबीपी और सेना इसे सामान्य मानते रहे हैं। चीन क्षेत्र से हेलीकॉप्टर और चीनी सैनिक भटक कर सीमा पार कर लेते हैं, लेकिन वे पुन अपनी सीमा में लौट जाते हैं।
आईटीबीपी के कमांडेंट पीके तिवारी ने बताया कि चीन सीमा की ओर से कई बार हेलीकॉप्टर बाड़ाहोती क्षेत्र में देखे गए हैं, जिसे देखते हुए सीमा क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी जाती है।
6 वर्षो में 37 बार घुसपैठ
हालांकि राज्य सरकार बीते 6 वर्षों में 37 बार बाड़ाहोती में घुसपैठ का मामला केंद्र के समक्ष उठा चुकी है, जिसमें पैदल जवानों से लेकर पीएलए के घोड़ों पर गश्त के दौरान घुसपैठ की वारदात है।