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बच्चों की पंचायत ने सुनाया 'फरमान'
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 20 Dec 2013 11:52 AM IST
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खुशी, आस्था और विकास ये नाम उन पंचायतों के हैं, जिसे नन्हे-मुन्ने बच्चों ने बनाया है।
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जी हां, देहरादून जिले के विकासनगर में बूड़, बड़वा और घोरे की डांडी गांवों की तस्वीर बदलने का बीड़ा इन गांवों के बच्चों ने अपने हाथ में लिया है और अपनी बाल पंचायतों को उक्त नाम दिए हैं।
गांव के हर घर में सफाई की जांच
खास बात यह है कि इन बाल पंचायतों ने अपने-अपने गांव के हर घर में सफाई की जांच कर ‘हेल्दी होम रिपोर्ट’ स्वजल विभाग को भेजी।
रिपोर्ट में बड़वा गांव को निर्मल ग्राम पुरस्कार के लिए नामित करने पर सवाल तो उठे हैं, लेकिन बच्चों की इस पहल ने इन गांवों की बदहाली में सुधार की आस जगाई है।
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विकासनगर ब्लॉक के इन गांवों में स्वयंसेवी संस्था माउंटेन चिल्ड्रन फाउंडेशन (एमसीएफ) की ओर से 35-35 बच्चों की बाल पंचायत गठित की गई है।
बाल पंचायत के सदस्य गांव को साफ रखने के लिए लोगों को प्रेरित करते हैं साथ ही स्वच्छता के आधार पर घरों को नंबर देते हैं।
तीनों गांवों की रिपोर्ट तैयार की
इन पंचायतों ने तीनों गांवों की रिपोर्ट तैयार की है। चौंकाने वाली बात यह है कि बड़वा गांव को इस वर्ष के निर्मल ग्राम पुरस्कार के लिए नामित किया गया है, जबकि बच्चों की रिपोर्ट में साफ हुआ कि गांव के बीस घरों में शौचालय नहीं हैं।
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बच्चों की रिपोर्ट पर स्वजल विभाग ने जांच की तो बात सही पाई। लेकिन गांव का नाम वापस नहीं लिया जा सकता था, लिहाजा प्रधान को जल्द से जल्द शौचालय बनवाने का निर्देश दिया गया। अब गांव में चार घरों में शौचालय बन चुके हैं, जबकि बाकी का निर्माण चल रहा है।
गांव को दिलाना चाहते हैं निर्मल ग्राम पुरस्कार
बाल पंचायत की अध्यक्ष प्रतिभा ने बताया कि गांव को पूरी तरह स्वच्छ करना उनका उद्देश्य है और इसी आधार पर वह अपने गांव को हर बार निर्मल ग्राम पुरस्कार दिलाना चाहती है।
बताया कि पंचायत हर साल बाल मेला भी कराती है। स्वजल विभाग की जनपद प्रभारी अनुभवा बताती हैं कि बच्चे बेहतरीन काम कर रहे हैं।
पहले ये बच्चे क्लास में ठीक से बोल तक नहीं पाते थे, लेकिन अब आत्मविश्वास से लबरेज हैं।गांव के विकास की बच्चों की यह पहल काबिलेतारीफ है।
- सुधीर तोमर, शिक्षक, प्राथमिक विद्यालय बूड़
जो काम बड़ों को करना चाहिए था, वह ये बच्चे अपने मंच के माध्यम से कर रहे हैं। पूरी उम्मीद है कि ये बच्चे गांव के विकास की मजबूत नींव रखेंगे।
- अनिल सिंह, स्थानीय निवासी
बाल मंच के जरिये हम समाज को यह संदेश देना चाहते हैं कि बच्चों में बहुत ऊर्जा है। उनकी क्षमताओं का उपयोग विकास में बेहतर ढंग से किया जा सकता है।
- अदिति कौर, अध्यक्ष एमसीएफ
पंचायत की रिपोर्ट के बाद जांच हुई और अब गांव में शौचालय बन रहे हैं। इस बार बड़वा गांव को निर्मल ग्राम पुरस्कार मिला तो इसका श्रेय इन बच्चों को ही जाएगा।
- टीसी माथुर, परियोजना अधिकारी स्वजल विभाग