अपने इलाज के लिए इस बच्चे ने PM मोदी को लिखा दर्दभरा खत, पढ़कर आपके के भी आंसू आ जाएंगे
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जिंदगी और मौत की जंग लड़ने वाले मास्टर वरुण ने पीएम मोदी को अपने इलाज के लिए दर्दभरा खत लिखा। खत में वरुण ने जो बातें लिखी, उन्हें पढ़कर आपके भी आंसू आ जाएंगे। वरुण ने खत में पहली ही लाइन में लिखा, मोदी अंकल, क्या मैं मर जाऊंगा?, इसके बाद उसने अपने इलाज के लिए मदद मांगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंकल बोलने और मदद के लिए पत्र लिखने वाले मास्टर वरुण का अब इलाज होगा। दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती किडनी फेलियर वरुण के इलाज का पूरा खर्चा उत्तराखंड की एक संस्था ने उठाने का फैसला लिया है।
उधर, विज्ञान मंत्रालय ने भी वरुण की मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। मंत्रालय के अतिरिक्त निजी सचिव की ओर से मांग की गई है कि वरुण को प्रधानमंत्री राहत कोष से सहायता दी जाए।
बता दें कि मोदी अंकल, क्या मैं मर जाऊंगा? सवाल पूछने वाले मास्टर वरुण के दर्द भरे शब्दों को जब अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया तो बुधवार सुबह ही उत्तराखंड मसूरी के विधायक गणेश जोशी बच्चे से मिलने अस्पताल पहुंचे।
इन्होंने की बच्चे की मदद को पहल
उन्होंने परिजनों और डॉक्टरों से बातचीत के बाद हंस फाउंडेशन से संपर्क किया। माता मंगला और भोले महाराज की प्रेरणा से संचालित यह फाउंडेशन कई गरीब बच्चों का इलाज करवा चुका है।
फाउंडेशन के सचिव चंदन सिंह भंडारी ने बताया कि माता मंगला और भोले महाराज ने हंस कल्चरल सेंटर के द्वारा वरुण के इलाज का पूरा खर्चा अस्पताल प्रबंधन को देने का फैसला लिया है।
चूंकि नियमों के तहत मरीज के कागजों की पहले जांच होती है, उसके बाद ही सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसलिए वरुण के सभी दस्तावेज की जांच के बाद अस्पताल प्रबंधन को साढ़े 8 लाख रुपये उपलब्ध करा दिये जाएंगे।
बता दें कि, वरुण एक 13 साल का लड़का है, जो दिल्ली के बल्लीमारान इलाके का रहने वाला है। यह मशहूर इलाका शायर मिर्जा गालिब को लेकर प्रसिद्ध है। पीएम मोदी को भेजे पत्र में वरुण ने मिर्जा गालिब तक का जिक्र किया है।
पिता कमल किशोर ने बताया कि वरुण लंबे समय से बीमार है, किडनी फेलियर की वजह से उसे ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी गई है। लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से उसका इलाज नहीं हो पा रहा था। इसीलिए वरुण ने इलाज के लिए पीएम मोदी को दर्द भरा पत्र भी लिखा।