फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Child Marriage Case uttakashi ASHA worker Mother prepares for marriage member of child protection committee

Child Marriage: जिस पर थी सुरक्षा की जिम्मेदारी उसी ने कराई बेटी की शादी, उत्तरकाशी मामले का पूरा सच आया सामने

Sat, 11 Mar 2023 05:23 PM IST
रेनू सकलानी राजीव खत्री, संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
राजीव खत्री, संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 11 Mar 2023 05:23 PM IST
सार

टिपरा गांव में आशा कार्यकर्ता ही अपनी नाबालिग बेटी की शादी पहले मंदिर में करवाई। इसके बाद जब गांव में बरात आने वाली थी तक पुलिस प्रशासन ने यह शादी रुकवा दिया। मगर ऐसे मामलों में अब इन समितियों पर सवाल उठ रहे हैं।

विज्ञापन
Child Marriage Case uttakashi ASHA worker Mother prepares for  marriage member of child protection committee
भीलवाड़ा में बाल विवाह - फोटो : Social Media

विस्तार

जिस पर गांव के बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी उसी ने अपनी बेटी का बाल विवाह करवा दिया। यह मामला डुंडा तहसील के टिपरा कुमार कोट गांव का है। यहां जिस लड़की की शादी कराई जा रही थी, उस नाबालिग लड़की की मां गांव की आशा कार्यकर्ता है।

विज्ञापन

बाल कल्याण समिति व चाइल्ड हेल्प लाइन की ओर से प्रत्येक गांव में बाल कल्याण समिति का गठन किया जाता है जिसका अध्यक्ष ग्राम प्रधान होता है। इसके अलावा समिति में गांव की आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, वार्ड सदस्य, महिला मंगल दल के अध्यक्ष, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक, एएनएम आदि करीब 8 से 10 सदस्य होते हैं।

विज्ञापन


इन सभी की जिम्मेदारी गांव में बच्चों के साथ हो रहे अपराध, यौन शोषण, बाल विवाह की सूचना प्रशासन को देने के साथ ही इन्हें रोकने के प्रयास करने की होती है लेकिन टिपरा गांव में आशा कार्यकर्ता ही अपनी नाबालिग बेटी की शादी पहले मंदिर में करवाई। इसके बाद जब गांव में बरात आने वाली थी तक पुलिस प्रशासन ने यह शादी रुकवा दिया। मगर ऐसे मामलों में अब इन समितियों पर सवाल उठ रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

नाबालिग की शादी के लिए दस्तावेजों में किया गया था फेरबदल

नाबालिग की शादी कराने के लिए उसके जन्म प्रमाणपत्र सहित कई अन्य दस्तावेजों में फेरबदल किया गया था। बीते वर्ष नवंबर माह में नाबालिग का जन्म प्रमाणपत्र हरिद्वार के चैनराय महिला चिकित्सालय में बनाया गया है जिसमें नाबालिग की जन्म तिथि 12 फरवरी 2003 अंकित है। जबकि शादी के पंजीकरण के लिए सब रजिस्टार कार्यालय में जमा परिवार रजिस्टर की नकल में नाबालिग की जन्म तिथि 1 जनवरी 1998 अंकित है। विद्यालयी अभिलेखों में नाबालिग की जन्म तिथि 19 फरवरी 2007 है जिसके आधार पर इसकी उम्र 16 साल 18 दिन है।

सब रजिस्ट्रार कार्यालय में कराया था शादी का पंजीकरण

नाबालिग की शादी बीते वर्ष दिसंबर माह में शहर के ही एक मंदिर में कराई गई थी। शादी का पंजीकरण सब रजिस्ट्रार कार्यालय में भी कराया गया था जिसके लिए यहां सभी औपचारिकताएं पूर्ण की गई थीं। मगर यहां जमा कराए दस्तावेजों में अंकित जन्म तिथि अलग-अलग थी जिस पर सब रजिस्ट्रार कार्यालय व औपचारिकताएं पूर्ण कराने वाले वकील ने भी ध्यान नहीं दिया।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand News:  तीर्थ स्थलों के पैदल मार्गों को प्रदूषण मुक्त बनाने की कवायद, जल्द बनेगा एक्शन प्लान

वर्ष 2016 से अब तक नौ मामले

जनपद उत्तरकाशी में वर्ष 2016 से अब तक बाल विवाह के 9 मामले आए हैं जिन्हें चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद से प्रशासन ने रुकवाया है। वर्ष 2016 में 2 वर्ष 2017 में 2, वर्ष 2018 में 1, वर्ष 2020 में 1, वर्ष 2021 में 2 व वर्ष 2022 में अभी तक 1 मामला सामने आया है जिसमें ब्लॉक डुंडा, चिन्यालीसौड़ व भटवाड़ी के तीन-तीन मामले शामिल हैं। कई मामलों में स्वयं नाबालिगों ने चाइल्ड हेल्पलाइन पर फोन कर उनकी शादी कराने की सूचना दी थी। चाइल्ड हेल्पलाइन के कार्यक्रम समन्वयक दीपक उप्पल ने बताया कि ऐसे मामलों में स्थानीय लोगों का सहयोग महत्वपूर्ण होता है लेकिन स्थानीय का अपेक्षाकृत सहयोग नहीं मिल पाता है।

- सभी दस्तावेजों की जांच कराई जाएगी। जिस अस्पताल से जन्म प्रमाण पत्र लिया गया है। वहां से भी जानकारी जुटाई जाएगी। गलत प्रमाण पत्र बनाने वालों पर कार्रवाई होगी। -अभिषेक रूहेला, डीएम उत्तरकाशी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed