प्रमुख सचिव ने नहीं दिखाया 'रौब', लाइन में लगकर बनाया DL
एक ओर जहां देहरादून स्थित संभागीय परिवहन कार्यालय में आम आदमी भी लाइसेंस बनवाने, रिन्यू कराने आदि कामों के लिए बिना सिफारिश नहीं पहुंचता।
प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी ने सामान्य आवेदकों की तरह कतार में लगकर बेटी का लाइसेंस बनवाया। इस दौरान परिवहन अधिकारियों ने सचिव को कार्यालय में चलने का आग्रह भी किया, लेकिन रतूड़ी ने इससे इनकार कर बेटी की बारी का इंतजार किया।
बिना साहबी दिखाए बेटी का लाइसेंस बनवाने के बाद रतूड़ी निकल गईं। प्रमुख सचिव के इस व्यवहार की परिवहन अधिकारियों संग आम लोगों ने भी जमकर तारीफ की। सोमवार को संभागीय परिवहन कार्यालय में अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा भीड़ होती है।
दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी अपनी बेटी को लेकर कार्यालय पहुंची। बेटी का प्रशिक्षु फार्म भरा और दोनों कतार में लग गए। लाइन काफी लंबी थी।
अपने पद का लाभ नहीं उठाया
हालांकि, लाइन में लगे लोगों ने प्रमुख सचिव को नहीं पहचाना। इस बीच सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) रामप्रकाश राठौड़ ने उन्हें देख लिया। राठौड़ ने सचिव को अपने कक्ष में चलकर बैठने का अनुरोध किया, लेकिन रतूड़ी ने इससे इनकार कर दिया।
वह कतार में लगी रहीं और नंबर आने पर ही बेटी का फार्म जमा कराया। इसके बाद बायोमीट्रिक जांच के लिए भी वह बेटी संग कतार में खड़ी रहीं। इस बीच लोगों को भी पता चल गया कि उनके साथ कतार में लगी महिला प्रमुख सचिव हैं। लेकिन, रतूड़ी के अपने पद का लाभ न उठाने पर लोग उनकी तारीफ करते नजर आए।
एआरटीओ रामप्रकाश राठौड़ ने बताया कि प्रमुख सचिव के साथ कोई सुरक्षाकर्मी नहीं था। इसके अलावा वह कार्यालय में सरकारी वाहन से नहीं, बल्कि अपने निजी वाहन से आई थीं।
ऐसे में कर्मचारी भी उन्हें नहीं पहचाने। बताया कि पूरी प्रक्रिया नियमानुसार पूरी करने के बाद ही रतूड़ी कार्यालय से निकलीं। उनकी बेटी का प्रशिक्षु लाइसेंस जारी कर दिया गया है।