उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में मुकाम हासिल करने वाले छात्रों को जब सीएम से उनकी मेहनत का ईनाम मिला तो उनके हौंसले और भी बुलंद हो गए। जानिए सीएम के मंच पर क्या बोले होनहार...
{"_id":"596222184f1c1b861a8b48d1","slug":"chief-minister-trivendra-singh-rawat-honored-to-uttarakhand-board-toppers","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Photos: सीएम के मंच पर बच्चों ने खुलकर की मन की बात, जानिए क्या कहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Photos: सीएम के मंच पर बच्चों ने खुलकर की मन की बात, जानिए क्या कहा
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 10 Jul 2017 01:09 AM IST
विज्ञापन
amar ujala
Trending Videos
amar ujala
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को प्रदेश के दूर-दराज हिस्सों से आए मेधावी छात्र-छात्राओं से मन की बात की। स्कूल के नाम के नाम जानने के साथ उनकी कामयाबी के राज पर सवाल किए। बच्चों ने खुलकर अपनी कामयाबी के राज बताने के साथ बेबाकी से दिल की बात कही। सीएम का अपनत्व पाकर बच्चे भी खासे उत्साहित हुए।
amar ujala
मौका था देहरादून में अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह का। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने सम्मान पाने वाले प्रत्येक छात्र-छात्राओं से उनके जनपद, गांव, स्कूल, कोचिंग, परिवार के बारे में सवाल किए। यह भी पूछा कि वह दूर-दराज से यहां कैसे पहुंचे। सफलता पाने को कोचिंग ली गई या नहीं। कुछ बच्चे तो मंच पर थोड़े झिझके जरूर, मगर कुछ ने खुलकर अपनी मन की बात कहने में देरी नहीं की।
विज्ञापन
विज्ञापन
amar ujala
पिथौरागढ़ से आए छात्र अक्षय बोरा तो यहां तक कहा कि वह तो प्रधानमंत्री मोदी और उनके (त्रिवेन्द्र रावत) के फैन है। उनका (रावत) का सानिध्य तो मिल गया। अब प्रधानमंत्री मोदी का आशीर्वाद पाना है। काफी समय से इन दोनों महानुभाव से मिलने की इच्छा थी। सीएम ने अपने भाषण में अक्षय बोरा की दिल की बात का उल्लेख भी किया।
विज्ञापन
amar ujala
नैनीताल जिले के हल्द्वानी की अंजलि उनियाल भी सीएम से मिले अपनत्व को लेकर गद्दगद थी। अंजलि बताती है कि सीएम ने स्कूल के नाम के साथ पूछा था कि कोचिंग की थी या नहीं। कोचिंग न करने की बात कही तो शाबाश कहकर उन्हें दुलारा। पौड़ी के दीपक मेहर से सीएम ने स्कूल और घर परिवार के बारे में पूछा। दीपक ने तो मन में संजोया सपना भी उन्हें बता दिया। इसके अलावा ऐसे अनेक बच्चे थे, जो सीएम से पुरस्कार पाकर खुद को भाग्यशाली मान रहे थे।