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दो सहेलियों की मौत के बाद सीएम त्रिवेंद्र सख्त, दिए कड़े निर्देश

Tue, 08 Aug 2017 12:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला,देहरादून Updated Tue, 08 Aug 2017 12:24 AM IST
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chief minister trivendra singh rawat given instruction about Road potholes
CM trivendra singh rawat

राजधानी में सड़क में हुए गड्ढे की वजह से हादसे में दो युवतियों की मौत के बाद आखिरकार सरकार की नींद टूटी है। सोमवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंताओं को निर्देशित किया है कि वे राज्य की सभी सड़कों को तत्काल गड्ढा मुक्त करें, ताकि हादसों को रोका जा सके, लेकिन सीएम साहब! पूरे राज्य की बात तो दूर, पहले राजधानी की सड़कों को तो दुरुस्त करवा दीजिए, ताकि शहरवासियों को अपनी जान न गंवानी पड़े। 

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पुलिस-प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार पिछले चार साल के भीतर दून की सड़कों पर हुए हादसों में 446 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं इतने ही लोग घायल हो गए, जिसमें में कई स्थायी तौर पर शारीरिक अपंगता के शिकार हो गए। 
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राजधानी व स्मार्ट सिटी में सहारनपुर चौक से बल्लीवाला तक जाने वाली कांवली रोड, जीएमएस रोड, आईएसबीटी से लेकर रिस्पना पुल तक हरिद्वार रोड, आईएसबीटी से लेकर घंटाघर तक की सड़क, घंटाघर से राजपुर तक जाने वाली सड़क, सहस्रधारा रोड, पटेलनगर में लालपुल से कारगी चौक तक जाने वाली सड़क, कारगी चौक से बंजारावाला रोड, हरिद्वार बाईपास से विजीलेंस मुख्यालय जाने वाली रोड, सहारनपुर रोड से ब्राह्मणवाला रोड, समेत कई सड़कों में जानलेवा गड्ढे हैं।
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इन सड़कों पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। सहारनपुर रोड से ब्राह्मणवाला जाने वाली सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं। इसी सड़क से होकर चिल्ड्रेन मॉडर्न एकेडमी, एनीलोशन स्कूल के हजारों बच्चों गुजरते हैं। यहां गड्ढों के कारण कभी हादसा हो सकता है। 

हर ओर जानलेवा गड्ढे

chief minister trivendra singh rawat given instruction about Road potholes
Road potholes

हरिद्वार बाईपास पर राधा स्वामी सत्संग के सामने स्थित पीपीसीएल कॉलोनी उदय विहार में मैन गेट पर कई खतरनाक गड्ढे बने हुए हैं, जो कभी भी हादसे की वजह बन सकते हैं। कॉलोनी निवासी रमेश ने बताया कि रविवार देर शाम उनके यहां मेहमान आए थे।

इस दौरान उनकी कार गेट पर बने गड्ढे में गिरने से बाल-बाल बची। एक अन्य कॉलोनीवासी ने बताया कि सोसायटी का सचिव राजपुर रोड पर रहता है, जिसे यहां की समस्याओं से कोई मतलब नहीं है। इस दौरान कॉलोनीवासियों ने सचिव पर कई गंभीर आरोप भी लगाए।   

जहां एक तरफ राजधानी की बदहाल सड़कों पर आए दिन होने वाले हादसों में लोगों की जान जा रही है, वहीं पीडब्ल्यूडी और नगर निगम के अफसरों ने कागजी खानापूर्ति करते हुए सड़कों की सही तरीके से मरम्मत करने के बजाय वहां ईंटें डालकर खानापूर्ति कर दी है। इसका नजारा स्टेशन रोड, लालपुल पर देखा जा सकता है।

पुलिस के आंकड़ों में भयानक तस्वीर

chief minister trivendra singh rawat given instruction about Road potholes
Road potholes

दून में पुलिस के आंकड़े हादसों को लेकर भयावह तस्वीर पेश कर रहे हैं। यातायात पुलिस के आंकड़ों पर नजर डाले तो साल 2013 से 2016 के बीच दून में 1248 सड़क हादसे हुए। जिनमें 565 लोगों की मौत हुई और एक हजार से अधिक घायल हो गए। इनमें ज्यादातर हादसे बदहाल सड़कों की वजह से हुए। 2017 के ही जनवरी से अब तक 125 सड़क हादसों में 79 लोगों की मौत हो चुकी है।
  
दून की सड़कों पर आए दिन होने वाले हादसों के चलते यातायात पुलिस ने पीडब्ल्यूडी समेत संबंधित विभागोें के अफसरों को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि दुर्घटना प्रभावित इलाकों में डिवाइडर बनाने के साथ ही साइन बोर्ड लगाए जाएं। क्षतिग्रस्त सड़कों की प्राथमिकता से मरम्मत की जाए ताकि हादसों को कम किया जा सके, लेकिन नगर निगम, पीडब्ल्यूडी अफसरों ने न तो रिपोर्ट को गंभीरता से नहीं लिया और न ही कोई कार्रवाई की। 
 
सवाल उठता है कि सड़क हादसों में शहरवासियों की आए दिन होने वाली मौतों के लिए जिम्मेदार कौन है? इसके लिए नगर निगम, राष्ट्रीय राजमार्ग और पीडब्ल्यूडी के अफसर काफी हद तक जिम्मेदार हैं। शहर के कई सड़कों की जिम्मेदारी नगर निगम के पास है। वहीं कुछ प्रमुख सड़कों के निर्माण और मरम्मत का जिम्मा पीडब्ल्यूडी का है। नेशनल हाईवे की मरम्मत का जिम्मा एनएचएआई का है। 
 
हादसों को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन की ओर से जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही एक्सीडेंट प्रोन एरिया चिन्हित कर वहां चेतावनी बोर्ड लगाकर, सड़कों पर डिवाइडर बनाकर, खतरनाक जोन में स्पीड ब्रेकर का निर्माण कर, सड़कों पर बने गड्ढों की मरम्मत कर हादसों में कमी लाई जा सकती है। पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान पूरे शहर में जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही समय-समय पर भी लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।

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