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मोबाइल की डीपी में सुप्रीम कोर्ट के जज की फोटो लगाकर ठगी
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व्हॉट्सएप की डीपी में सुप्रीम कोर्ट के जज की फोटो लगाकर और ट्रू कॉलर में जज के नाम का इस्तेमाल कर ठगी की कोशिश का मामला सामने आया है। मोबाइल की सीडीआर से खुलासा हुआ है कि इस नंबर से उत्तराखंड सचिवालय के अफसरों, मंत्रियों और सरकारी कार्यालयों के लैंडलाइन पर भी बातचीत की गई है।
जांच में यह नंबर नोएडा से संचालित पाया गया, लेकिन एक से सात जुलाई तक उत्तराखंड में एक्टिव था। मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने जांच के बाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की सोशल मीडिया इंटरवेशनल को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मोबाइल नंबर की व्हॉट्सएप डीपी पर सुप्रीम कोर्ट के जज, राष्ट्रपति और एक महिला की संयुक्त फोटो दिखाई दी। जबकि, मोबाइल नंबर की आईडी किसी मनोज कुमार के नाम से है। ट्रू कॉलर पर भी उदय ललित नाम लिखा आ रहा था, जो सुप्रीम कोर्ट में जज हैं। इसके बाद साइबर पुलिस ने इस नंबर की जांच की।
मोबाइल नंबर की आईडी निकाली तो महागुन मेपल, सेक्टर 50, नोएडा निवासी मनोज कुमार के नाम मिला। मोबाइल नंबर 17 मई 2022 को एक्टिव था। शासन में तैनात अफसरों से बात की गई तो पता चला कि यह नंबर जज उदय ललित का नहीं है। मोबाइल नंबर की सीडीआर की जांच की गई तो पता चला कि मोबाइल नोएडा में चल रहा है। इसकी लोकेशन एक से छह जुलाई तक दून में एक्टिव थी। सीडीआर में अधिकतर नंबर उत्तराखंड सचिवालय, नई दिल्ली, सरकारी कार्यालयों, मंत्रियों के कार्यालयों आदि के लैंडलाइन नंबरों पर बात होने का खुलासा हुआ। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम पुलिस जांच के बाद कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है। दरोगा दिलवर सिंह नेगी को जांच सौंपी गई है।
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जांच में यह नंबर नोएडा से संचालित पाया गया, लेकिन एक से सात जुलाई तक उत्तराखंड में एक्टिव था। मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने जांच के बाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की सोशल मीडिया इंटरवेशनल को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मोबाइल नंबर की व्हॉट्सएप डीपी पर सुप्रीम कोर्ट के जज, राष्ट्रपति और एक महिला की संयुक्त फोटो दिखाई दी। जबकि, मोबाइल नंबर की आईडी किसी मनोज कुमार के नाम से है। ट्रू कॉलर पर भी उदय ललित नाम लिखा आ रहा था, जो सुप्रीम कोर्ट में जज हैं। इसके बाद साइबर पुलिस ने इस नंबर की जांच की।
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मोबाइल नंबर की आईडी निकाली तो महागुन मेपल, सेक्टर 50, नोएडा निवासी मनोज कुमार के नाम मिला। मोबाइल नंबर 17 मई 2022 को एक्टिव था। शासन में तैनात अफसरों से बात की गई तो पता चला कि यह नंबर जज उदय ललित का नहीं है। मोबाइल नंबर की सीडीआर की जांच की गई तो पता चला कि मोबाइल नोएडा में चल रहा है। इसकी लोकेशन एक से छह जुलाई तक दून में एक्टिव थी। सीडीआर में अधिकतर नंबर उत्तराखंड सचिवालय, नई दिल्ली, सरकारी कार्यालयों, मंत्रियों के कार्यालयों आदि के लैंडलाइन नंबरों पर बात होने का खुलासा हुआ। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम पुलिस जांच के बाद कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है। दरोगा दिलवर सिंह नेगी को जांच सौंपी गई है।
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