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नहीं भायी 'सस्ती' सब्जी, काउंटर बंद
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 20 Nov 2013 01:47 PM IST
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आम आदमी को आलू, प्याज की चढ़ी कीमतों से राहत देने के लिए लगाए सस्ती सब्जी के काउंटर अंतत: बंद हो गए। पांच दिन पहले 15 नवंबर को शहर में सात जगह राशन की दुकानों पर यह काउंटर शुरू किए गए थे।
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काउंटरों से ग्राहक साफ
पहले ही दिन हकीकत सामने आ गई थी। लोगों की भीड़ तो जुटी, लेकिन आलू, प्याज की घटिया क्वालिटी देख किसी ने यहां दोबारा झांकना गवारा नहीं किया। धीरे-धीरे सातों काउंटरों से ग्राहक साफ हो गए। यह देख राशन वालों ने भी सप्लाई नहीं मंगवाई।
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मंडी समिति वालों ने संपर्क साधा तो उन्होंने ग्राहकों का रुझान बताते हुए हाथ खड़े कर दिए। उधर, मंडी समिति पदाधिकारी काउंटर बंद होने के पीछे आलू प्याज के थोक दामों में गिरावट को बड़ी वजह करार दे रहे हैं। वह रेट में और गिरावट का दावा कर रहे हैं।
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उधर, मोहल्ला समितियों को सस्ते दामों पर आलू, प्याज बेचने का मंडी वालों का ऑफर भी किसी को नहीं लुभा सका। अभी तक किसी ने पदाधिकारियों से संपर्क नहीं किया है।
आलू, प्याज की रही अच्छी आवक
निरंजनपुर मंडी में मंगलवार को आलू, प्याज की अच्छी आवक रही। आलू जहां एक हजार 576 क्विंटल पहुंचा, वहीं प्याज की मात्रा 129 क्विंटल रही। आलू का थोक भाव नौ से 16 रुपए प्रति किलो के बीच रहा। वहीं प्याज की कीमतें भी 30-35 रुपए प्रति किलो रहीं।
पर क्वालिटी कौन सुधारेगा
आलू, प्याज की आवक बेशक बढ़ी, लेकिन इनकी क्वालिटी में कोई ज्यादा अंतर नहीं आया है। अभी भी छोटा प्याज ज्यादा पहुंच रहा है। गुजरात से महुआ प्याज की आवक को लेकर बात-चीत अभी फाइनल नहीं हो पाई है।
नाम, पता दर्ज करना महंगा पड़ा
लोगों को सस्ता आलू, प्याज खरीदने के लिए एक रजिस्टर पर अपना नाम, पता आदि दर्ज करना पड़ रहा था। जिन दुकानों पर यह काउंटर लगाए गए थे, उनके संचालकों का कहना है कि समय लेने वाली औपचारिकताओं से बचने के लिए भी लोगों ने रुझान कम दिखाया।
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