सस्ते घर के लिए गरीबों को मिलेगी सब्सिडी
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देहरादून में आम आदमी के सस्ता आशियाना पाने का सपना पूरा करने की बुनियाद मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने रख दी है।
सहस्त्रधारा रोड पर तरला आमवाला में प्राधिकरण के प्रस्तावित हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए एमडीडीए ने करीब ढाई एकड़ जमीन को ट्रांसफर करवा लिया है।
जमीन एमडीडीए के नाम हो चुकी है, जिसके लिए डीएम को तय राशि एक करोड़ 67 लाख रुपए दिए जा चुके हैं। फ्लैट्स की ड्राइंग और डिजाइनिंग तैयार होते ही एमडीडीए निर्माण कार्य शुरू कर देगा।
आमवाला तरला में प्रोजेक्ट के लिए चिह्नित जमीन की डीपीआर होने के बाद एमडीडीए ने नाप-जोख शुरू कर दी है। साथ ही ऊबड़-खाबड़ जमीन को समतल करने का काम भी चल रहा है। शनिवार को भी एमडीडीए की जेसीबी काम में जुटी रही।
सबसे बड़ा हाउसिंग प्रोजेक्ट
एमडीडीए के सचिव बंशीधर तिवारी ने बताया कि प्रोजेक्ट की डीपीआर हो चुकी है। 1200 फ्लैट के प्रोजेक्ट में पहले सिर्फ इकोनॉमिक वीकर सेक्शन (ईडब्लूएस) यानी निर्बल आय वर्ग के लोगों के लिए फ्लैट बनने थे।
लेकिन अब लोअर इनकम ग्रुप (एलआईजी), मीडियम इनकम ग्रुप (एमआईजी) और हायर इनकम ग्रुप (एचआईजी) फ्लैट्स भी बनाए जाएंगे। हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि किस ग्रुप के कितने फ्लैट बनाए जाएंगे।
एमडीडीए का 1200 फ्लैट की आवासीय योजना राजधानी में अब तक का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। अब तक किसी निजी बिल्डर ने भी दून में इतने फ्लैट नहीं बनाए हैं।
घटेंगी निजी प्रोजेक्ट की कीमतें
सूत्रों की मानें तो एमडीडीए का प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद राजधानी में निजी बिल्डरों द्वारा बनाए जा रहे अपार्टमेंट में फ्लैट के मनमाने दामों पर लगाम लगेगी।
एमडीडीए प्रोजेक्ट की कीमतें सरकारी होंगी, जबकि फ्लैट की बड़ी संख्या होने से लोग वहां जाना चाहेंगे। ऐसे में कंपीटिशन में बने रहने के लिए निजी बिल्डर अपने फ्लैट के दाम घटा सकते हैं।
प्रोजेक्ट में हर तरह के फ्लैट बनाए जाएंगे। जमीन का समतलीकरण चल रहा है। इसके बाद फ्लैट निर्माण के लिए डिजाइनिंग का काम होगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। प्रोजेक्ट में कोई अड़चन नहीं है। राजधानी में फ्लैट्स की मांग और घटती जमीनों को देखते हुए प्राधिकरण जल्द ही नए प्रोजेक्ट भी लांच करेगा।
- बंशीधर तिवारी, सचिव, एमडीडीए
एमडीडीए की ओर से दी जाएगी गरीबों को सब्सिडी
एमडीडीए के हाउसिंग प्रोजेक्ट में गरीबों को तय रेट से भी कम पर आशियाना दिया जाएगा। प्राधिकरण निर्बल आय वर्ग यानी ईडब्लूएस फ्लैट पर सब्सिडी देने की तैयारी में है। हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि सब्सिडी कितने प्रतिशत दी जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक 1200 फ्लैट के हाउसिंग प्रोजेक्ट में प्राधिकरण का मुख्य फोकस ईडब्लूएस पर है। योजना की शुरुआत ही निर्बल आय वर्ग के लिए हुई थी, लेकिन अब अन्य आय वर्गों के लिए भी फ्लैट बनाए जाएंगे।
इसके पीछे योजना है कि ईडब्लूएस फ्लैट लेने वालों को सब्सिडी दी जाएगी। सब्सिडी का समायोजन एमआईजी और एचआईजी फ्लैट में किया जाएगा।
एमडीडीए सचिव बंशीधर तिवारी ने बताया कि प्राधिकरण पहली बार इस तरह की कोशिश कर रहा है। अन्य आय वर्गों के फ्लैट में सब्सिडी को समायोजित कर निर्माण लागत को बढ़ने नहीं दिया जाएगा।
इस तरह मिलेगी सब्सिडी
ईडब्लूएस फ्लैट पर सब्सिडी तय नहीं है, लेकिन इसका फंडा उदाहरण से समझा जा सकता है। मान लें कि एक ईडब्लूएस फ्लैट की कीमत दस लाख (कीमत केवल उदाहरण के लिए) रुपए है, जबकि एमआईजी की बीस लाख और एचआईजी की तीस लाख।
अगर एमडीडीए ईडब्लूएस पर पांच लाख रुपए की सब्सिडी दे तो यह फ्लैट लेने वालों को दस लाख का फ्लैट सिर्फ पांच लाख में मिल जाएगा। बाकी पांच लाख की रकम एमआईजी और एचआईजी फ्लैट की कीमत में जोड़ी जाएगी।
यानी एमआईजी फ्लैट बीस के बजाय 23 लाख रुपये में और एचआईजी फ्लैट 30 के बजाय 32 लाख रुपए में बेचा जाएगा।