{"_id":"6484da16c053bb1c7f00556a","slug":"charges-framed-in-the-court-on-the-operators-of-seven-educational-institutions-dehradun-news-c-5-drn1037-175325-2023-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: सात शिक्षण संस्थानों के संचालकों पर कोर्ट में आरोप तय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: सात शिक्षण संस्थानों के संचालकों पर कोर्ट में आरोप तय
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एससीएसटी छात्रों की छात्रवृत्ति का गबन करने के आरोपी सात शिक्षण संस्थानों के संचालकों पर आरोप तय हो गए हैं। आरोपियों को उनके ऊपर लगे आरोप पढ़कर सुनाए गए तो उन्होंने मानने से इन्कार कर दिया। लेकिन, स्पेशल विजिलेंस जज अंजलि नौलियाल की कोर्ट में इन सभी पर मुकदमा चलाए जाने के पर्याप्त आधार पाए गए। अब इस मामले में सुनवाई की तिथि तीन जुलाई मुकर्रर हुई है।
गौरतलब है कि वर्ष 2017 में छात्रवृत्ति घोटाला सामने आया था। आरोप था कि कुछ शिक्षण संस्थानों के संचालकों ने समाज कल्याण विभाग के साथ मिलकर छात्रों को दी जाने वाली धनराशि का गबन किया। यह घोटाला करीब 200 करोड़ रुपये का बताया गया था। इस मामले में वर्ष 2019 में एसआईटी गठित कर जांच शुरू कराई गई। एसआईटी ने देहरादून और हरिद्वार में 100 से ज्यादा मुकदमे दर्ज किए। इनमें 50 से ज्यादा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के शिक्षण संस्थान भी शामिल थे।
शुक्रवार को सहारनपुर के स्वामी कृष्ण प्राइवेट आईटीआई, शाकुंबरी पैरामेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर व कमलेश पैरामेडिकल कॉलेज के संचालक के रूप में सुरेश कुमार रोहिला, दून बिजनेस स्कूल के रघुवीर सिंह राणा और बिहाई ग्रुप ऑफ कॉलेज के तीन शिक्षण संस्थानों की तरफ से चंद्र सिंह तोमर को अदालत में बुलाया गया था। इनके अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि सभी को केस में झूठा फंसाया गया है। लेकिन, अदालत में एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने इन पर गबन, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार के आरोप तय कर दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
गौरतलब है कि वर्ष 2017 में छात्रवृत्ति घोटाला सामने आया था। आरोप था कि कुछ शिक्षण संस्थानों के संचालकों ने समाज कल्याण विभाग के साथ मिलकर छात्रों को दी जाने वाली धनराशि का गबन किया। यह घोटाला करीब 200 करोड़ रुपये का बताया गया था। इस मामले में वर्ष 2019 में एसआईटी गठित कर जांच शुरू कराई गई। एसआईटी ने देहरादून और हरिद्वार में 100 से ज्यादा मुकदमे दर्ज किए। इनमें 50 से ज्यादा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के शिक्षण संस्थान भी शामिल थे।
विज्ञापन
शुक्रवार को सहारनपुर के स्वामी कृष्ण प्राइवेट आईटीआई, शाकुंबरी पैरामेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर व कमलेश पैरामेडिकल कॉलेज के संचालक के रूप में सुरेश कुमार रोहिला, दून बिजनेस स्कूल के रघुवीर सिंह राणा और बिहाई ग्रुप ऑफ कॉलेज के तीन शिक्षण संस्थानों की तरफ से चंद्र सिंह तोमर को अदालत में बुलाया गया था। इनके अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि सभी को केस में झूठा फंसाया गया है। लेकिन, अदालत में एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने इन पर गबन, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार के आरोप तय कर दिए हैं।
विज्ञापन