मौसम साफ, घाटी में फिर लगने लगे केदारबाबा के जयकारे
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कई दिन मौसम की मार सहने के बाद सोमवार को बारिश से कुछ राहत मिली। सोमवार को देहरादून में जहां बादल छाए रहे, वहीं उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में धूप खिली।
केदारघाटी में भी सोमवार को मौसम साफ रहा, केदारनाथ यात्रा सुचारू रही। उधर, चमोली जिले में रातभर हल्की बारिश के बाद सुबह मौसम साफ रहा। बदरीनाथ हाईवे अभी भी लामबगड़ में बंद है। यात्री पैदल ही आवाजाही कर रहे हैं। हेंमकुंड साहिब के लिए गोविंदघाट से 100 से अधिक यात्री घांघरिया के लिए रवाना हुए।
रविवार को केदारघाटी में तड़के से होती तेज बारिश से सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए पैदल यात्रा तीन घंटे देर बाद शुरू हो पाई। जबकि यात्रियों का जमावड़ा प्रात: 6 बजे से लगना शुरू हो गया था। मौसम में सुधार होने पर जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रात: 9.30 बजे से पैदल यात्रा शुरू की गई।
12 बजे तक सोनप्रयाग से 320 यात्रियों को केदारनाथ के लिए रवाना किया गया। दोपहर एक बजेे तक गौरीकुंड पहुंचे 223 यात्रियों को ही प्रशासन ने आगे जाने दिया।
गौरीकुंड सेक्टर मजिस्ट्रेट राजपाल सिंह नेगी ने बताया कि खराब मौसम और समय अधिक होने से 97 यात्री पड़ाव पर ही रोके गए हैं। इन्हें मौसम ठीक होने पर सोमवार को पहले जत्थे के रूप में केदारनाथ के लिए रवाना किया जाएगा।
दूसरी ओर, गुप्तकाशी से अलग-अलग हेलीपैड से दो हेलीकॉप्टर से 114 यात्रियों ने केदारनाथ पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए। जबकि पैदल रास्ते से पहुंचे 124 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया। कपाट खुलने के बाद अब तक 1,13,516 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं।
डीएम डॉ. राघव लंगर ने बताया कि केदारनाथ की यात्रा मौसम की स्थिति के हिसाब से संचालित की जा रही है। सोनप्रयाग से पैदल रास्ते पर यात्रियों को तब ही आगे बढ़ाया जा रहा है, जब मौसम ठीक होता है।
बदरीधाम और हेमकुंड यात्रा जारी
सोमवार को भी बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में बंद रहा। यात्री पैदल ही आवाजाही कर रहे हैं। बारिश के बावजूद रविवार को बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा जारी रही। करीब 402 तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ धाम में दर्शन किए।
सोमवार की सुबह हेमकुंड साहिब के लिए गोविंदघाट से 100 से अधिक यात्री घांघरिया के लिए रवाना हुए। गोविंदघाट से 217 यात्री हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुए जो रात्रि प्रवास के लिए घांघरिया पहुंचे। 213 तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के दर्शन कर अपने घरों को लौट गए हैं।
बदरीनाथ हाईवे रविवार सुबह पांच बजे लामबगड़ और बैनाकुली में भूस्खलन होने से अवरुद्ध हो गया था। सीमा सड़क संगठन ने सुबह सात बजे मलबा साफ कर हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु किया।
लामबगड़ गदेरे के पास वाहन नहीं चढ़ पाने के कारण यहां पर तीर्थयात्री वाहनों से उतर कर पैदल आवाजाही कर रहे हैं। हेमकुंड साहिब में तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से धाम का पैदल रास्ता कई जगहों पर फिसलनभरा हो गया है।
जोशीमठ में बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब यात्रा का जिम्मा संभाले संयुक्त मजिस्ट्रेट मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि बारिश के बीच ही दोनों धामों की यात्रा सुचारु है।
लामबगड़ गदेरे में सीमा सड़क संगठन ने पानी की निकासी के लिए हाईवे पर ह्यूम पाइप बिछाए जाने की योजना बनाई है। जल्द ही यहां पर हाईवे दुरुस्त कर लिया जाएगा। बैनाकुली में हो रहा भूस्खलन थोड़ा दिक्कत कर रहा है। यहां पर मलबा हटाने के लिए मशीनें और मजदूर हर वक्त तैनात किए गए हैं।