चारधाम अपडेटः एमआई-17 की लैंडिंग, फाटा पहुंची डोली
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बाबा केदारनाथ की उत्सव डोली बृहस्पतिवार को विभिन्न पड़ावों से होते हुए अपने दूसरे पड़ाव फाटा पहुंच गई है। इस दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने डोली का स्वागत किया।
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तड़के उत्सव डोली ने विश्वनाथ मंदिर की परिक्रमा कर सुबह आठ बजे आगे के लिए प्रस्थान किया। डोली नाला, नारायणकोटी, खुमेरा, ब्यूंग, मैखंडा होते हुए 12 बजकर 40 मिनट पर रात्रि विश्राम के लिए फाटा पहुंची।
शुक्रवार को बाबा की डोली फाटा से प्रस्थान कर गौरीकुंड को रवाना होगी। डोली प्रभारी राजकुमार नौटियाल ने बताया कि पौराणिक परंपराओं के अनुसार ही इस वर्ष डोली को ले जाया जा रहा है।
एमआई-17 ने भरी पांच बार उड़ान
बृहस्पतिवार को गौचर हवाई पट्टी से केदारनाथ धाम के लिए एमआई-17 हेलीकॉप्टर से छह टन सामान भेजा गया। हेलीकॉप्टर ने सामान ढोने के लिए पांच बार उड़ान भरी।
हवाई पट्टी पर ड्यूटी पर तैनात उप राजस्व निरीक्षक जगदीश चंद्र औलिया ने बताया कि एमआई-17 हेलीकॉप्टर से पहले चक्कर में चार कुंतल से अधिक फूल मालाएं और भारी मात्रा में साग-सब्जी भेजी गई।
हेलीकॉप्टर से भेजे मजदूर
हेलीकॉप्टर से केदारनाथ धाम को जगमगाने के लिए आस्का की लाइटें, बिजली के पाइप, केविल, टेंट और मैटरस भी भारी मात्रा में भेजी गई। धाम में तैयारियों को सुचारू रखने के लिए 10 मजदूरों को भी हेलीकॉप्टर से वहां पहुंचाया गया है।
उन्होंने बताया कि चार मई को धाम के कपाट खुलने के बाद आगामी दिनों से वहां हट्स बनाने के लिए सामग्री को भेजा जाएगा।
तीर्थयात्रा पर विपक्षी पार्टियां कर रहीं भ्रमित: सीएम
राज्य के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पोखरी में आयोजित जनसभा में सरकार की उपलब्धियां गिनाकर मतदाताओं को लुभाने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार ने आपदा के बाद राहत कार्य तेजी से किए हैं। इसका नतीजा है कि अब सरकार चारधाम यात्रा शुरू करने जा रही है। विपक्षी पार्टियां चारधाम यात्रा शुरू न होने की बात कहकर तीर्थयात्रियों को भ्रमित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने भी किए दर्शन
बाबा केदारनाथ की उत्सव डोली के फाटा पहुंचने पर मुख्यमंत्री हरीश रावत और केदारनाथ विधायक शैलारानी रावत ने भी दर्शन किए।
नृसिंह मंदिर परिसर में रावल का तिलपात्र आज
आज नृसिंह मंदिर प्रांगण में बदरीनाथ के रावल (मुख्य पुजारी) ईश्वरन नंबूदरी का तिलपात्र (धार्मिक कार्यक्रम) होगा। सुबह दस बजे से यह कार्यक्रम शुरू होगा। संस्कृत महाविद्यालय जोशीमठ और मंडल (गोपेश्वर) के छात्र इस दौरान स्वस्तिवाचन का पाठ करेंगे।
धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल और अन्य वेदपाठी ब्राह्मणों की ओर से पूजा की विधाएं कराई जाएंगी। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि यह आयोजन नृसिंह मंदिर प्रांगण में संपन्न होगा।
बता दें कि बदरीनाथ के रावल केशवन नंबूदरी को दिल्ली में एक महिला के साथ छेड़छाड़ मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद नायब रावल ईश्वरन नंबूदरी को फिलहाल कार्यवाहक रावल की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। मंदिर समिति ने इस कार्यक्रम को पूरी तरह से सार्वजनिक रूप से कराने की योजना बनाई है।
केदारनाथ यात्रा के लिए पहुंचे बंगाली श्रद्धालु
पिछले वर्ष की जल प्रलय पर बाबा केदारनाथ के श्रद्धालुओं की आस्था भारी पड़ती नजर आ रही है। बाबा की डोली के शीतकालीन पूजा गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से निकलते ही दूरदराज के राज्यों से श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं।
बृहस्पतिवार को अमर उजाला टीम ने यात्रा पर पहुंचे तीर्थयात्रियों से बात की। सभी का एक स्वर से कहना था कि सबसे बड़ा भगवान होता है। वह भगवान की इच्छा और भरोसे यात्रा पर आए हैं। भगवान ही उनकी रक्षा करेगा।
पश्चिमी बंगाल के हुगली जिले से आए रामगोपाल सेठ ने बताया कि वह पहले भी कई बार केदार बाबा के दर्शन को आ चुके हैं। 2013 में भी उनका केदारनाथ दर्शन के बाद बदरीनाथ जाने का कार्यक्रम था।
10 जून को वह घर से निकले थे। लेकिन यहां आकर उनका मन बदल गया और वह पहले बदरीनाथ चले गए। 15 जून को चमोली रुककर मौसम साफ होने की प्रतीक्षा कर रहे थे कि 16 को जल प्रलय आ गई। उनको वापस लौटना पड़ा। लेकिन इस बार वह ठानकर आए हैं कि बाबा के दर्शन कर लौटेंगे।
चारधाम यात्रा के लिए दो बसें रवाना
चारधाम यात्रा की औपचारिक शुरुआत बृहस्पतिवार से हो गई। दो बसों में भावनगर, गुजरात के 49 तीर्थयात्रियों का दल आस्थापथ की ओर निकल पड़ा।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) आनंद कुमार जायसवाल ने यात्रा वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
बृहस्पतिवार सुबह चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड स्थित बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन काउंटर में तीर्थयात्रियों का कंप्यूटरीकृत पंजीकरण हुआ। सरकारी रोटेशन व्यवस्था से जुड़े परिवहन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने सभी तीर्थयात्रियों का फूलमालाओं से स्वागत किया।
पूजा अर्चना के बाद तीर्थयात्री टीजीएमओ और यातायात की 28 सीटर दो बसों में सवार हुए। यात्री गंगोत्री, यमनोत्री, बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के दर्शन करेंगे।