रास्ते बंद, चारधाम यात्रा पर लगी रोक
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उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर मौसम की मार अभी जारी है। मौसम की स्थितियों को देखते हुए मंडल आयुक्त सीएस नपलच्याल ने सभी जिलाधिकारियों चार धाम यात्रा को रोकने के निर्देश दिए हैं।
यात्रा रूट पर रूके यात्रियों को सुरक्षित स्थानों रखने के लिए निर्देशित किया है। आयुक्त एनएस नपलच्याल ने बताया गढ़वाल के पर्वतीय क्षेत्रों में रूक रूक कर बारिश हो रही है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो रही है। बद्रीनाथ यात्रा रूट पर ग्लेशियर आए हैं। उन्होंने बताया कि मौमम की स्थितियों को देखते हुए रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों के जिला अधिकारियों को चारधाम यात्रा को रोकने के लिए निर्देशित किया है।
रास्ते ठीक होने तक रुकी यात्रा
मौसम और यात्रा रूट के मार्गो की स्थित ठीक होने के बाद ही बाद में यात्रा को शुरू करने के लिए निर्देश किया है। इसके अलावा यात्रा रूट पर रूके यात्रियों को सुरक्षित स्थानों रखने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस बारे में शासन को भी अवगत करा दिया गया है।
बदरीनाथ मंदिर में जमी डेढ़ इंच बर्फ
बदरीनाथ धाम में दिनभर रही बारिश और बर्फबारी से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बदरीनाथ धाम परिसर में करीब डेढ़ इंच बर्फ जम गई है। ठंड से करीब 2000 तीर्थयात्री दिनभर बदरीनाथ धाम में होटलों में ही दुबके रहे।
हालांकि मंगलवार को दोपहर बाद जोशीमठ, गोपेश्वर, पीपलकोटी, चमोली, नंदप्रयाग क्षेत्रों में मौसम खुल गया, जिससे जोशीमठ और पांडुकेश्वर में रुके तीर्थयात्रियों ने राहत की सांस ली है।
नहीं खुला बदरीनाथ हाईवे, बंद रही यात्रा
बदरीनाथ में मंगलवार दोपहर बाद बारिश तो थमी, लेकिन बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रड़ांग बैंड और दूध गंगा के पास हिमखंड आ जाने से दिनभर यात्रा ठप रही। तीर्थयात्री मार्ग खुलने के इंतजार में दिनभर वाहनों में ही बैठे रहे।
हाईवे पर रड़ांग बैंड के पास 40 मीटर और दूधगंगा के पास करीब 100 मीटर हिमखंड आ गया, जिसे हटाने में बीआरओ की दो जेसीबी, एक पोकलेंड और 100 मजदूर दिनभर लगे रहे।
बारिश और बर्फबारी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सोमवार को बदरीनाथ धाम जाने वाले करीब 3500 तीर्थयात्रियों को जोशीमठ, पांडुकेश्वर और बदरीनाथ में रोक दिया था।
मंगलवार को भी यात्रा बाधित रही। बीआरओ के कमांडर निलेश चंदाराणा ने कहा कि मंगलवार सुबह सात बजे से हिमखंड हटाने के काम में जुटे हुए हैं। कोशिश है कि जल्द हाईवे खोल दिया जाएगा। थानाध्यक्ष जोशीमठ प्रदीप राठौर का कहना है कि तीन दिन से मौसम खराब है। बदरीनाथ हाईवे खुलने के बाद ही तीर्थयात्रियों को बदरीनाथ धाम जाने की अनुमति दी जाएगी।
बदरीनाथ के दर्शन करके ही लौटेंगे
बदरीनाथ क्षेत्र में तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश और बर्फबारी भी तीर्थयात्रियों की आस्था नहीं डिगा पाई। मंगलवार को तीर्थयात्री जोशीमठ और पांडुकेश्वर में बदरीनाथ के जयकारे लगाकर बदरीनाथ हाईवे ठीक होने का इंतजार करते रहे।
उनका कहना है कि वह भगवान बदरीनाथ के दर्शन करके ही लौटेंगे। बदरीनाथ धाम के दर्शन को पहुंचा नेपाल के 40 तीर्थयात्रियों का दल भी जोशीमठ में ठहरा है।
14 दिनों से लगातार सफर कर रहे नेपाल के दौलताबाद निवासी गोविंद गिरी, विष्णु गिरी, भक्त बहादुर, भवान गिरी, चित्रा गिरी, राम बहादुर और जमुना गुप्ता ने कहा कि वह दो बार पहले भी बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा कर चुके हैं। बदरीनाथ धाम बार-बार आने का मन करता है। जब भी सड़क मार्ग सुगम होगा, बदरी धाम के दर्शन कर ही लौटेंगे।