जय बदरी-केदार के जयकारों के साथ चारधाम यात्रा शुरू
- चारधाम यात्रा की औपचारिक शुरुआत, पहले दिन आस्था पथ पर बढ़ा 820 श्रद्धालुओं का जत्था
- अपरिहार्य कारणों से उद्घाटन समारोह में नहीं पहुंचे पूर्व सीएम हरीश रावत, फोन पर दीं शुभकामनाएं
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जय बाबा केदार और जय बदरी विशाल के जयकारों के साथ शनिवार को उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा की औपचारिक शुरुआत हो गई। संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति की 24 बसों में 820 तीर्थयात्री देव धामों के दर्शन के लिए रवाना हुए। इन जत्थों में गुजरात, उत्तरप्रदेश और राजस्थान के श्रद्धालु शामिल हैं।
चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड (बीटीसी) में पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों के बीच क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, एआरटीओ डॉ. अनीता चमोला और नगर पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा ने यात्री वाहनों को हरी झंडी दिखाकर आस्था पथ पर रवाना किया।
शनिवार सुबह संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न परिवहन कंपनियों के पदाधिकारियों ने तीर्थयात्रियों का फूलमालाओं से स्वागत किया। विधि विधान से पूजा-अर्चना के बाद समिति की पांच बसों में श्रद्धालुओं को आस्था पथ पर रवाना किया गया। बीटीसी परिसर में पारंपरिक वाद्य यंत्र ढोल दमाऊ और मसकबीन की धुनों से श्रद्धालु भाव विभोर हुए।
पहले दिन गए 820 यात्री
समिति प्रभारी मदनमोहन कोठारी ने बताया कि पहले दिन समिति की 24 बसों में 820 तीर्थयात्रियों का जत्था चारधाम के लिए रवाना हुआ है। इस मौके पर समिति अध्यक्ष कुंवर सिंह रावत, सुधीर राय, चंदन सिंह पंवार, सनत शास्त्री, जयेंद्र रमोला मदनमोहन कोठारी, भोपाल सिंह नेगी, मदनमोहन शर्मा, सुधीर रतूड़ी, प्यारेलाल जुगरान, शिवकुमार गौतम, मनोज ध्यानी, मनोज द्विवेदी, भोलादत्त जोशी, दाताराम रतूड़ी, सहदेव राठौर आदि मौजूद थे।
पूर्व सीएम ने फोन पर दीं शुभकामनाएं
चारधाम यात्रा के आगाज कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को बतौर मुख्य अतिथि शामिल होना था। लेकिन अपरिहार्य कारणों से वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने फोन के माध्यम से संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति को विषम परिस्थितियों में चारधाम यात्रा के सफल संचालन की बधाई दी। बताया गया कि चारों धामों में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई हैं। पुल और सड़क का निर्माण कराया गया है। समूचे विश्व को सुरक्षित यात्रा का संदेश देना हमारी प्राथमिकता है।