चारधाम यात्रा: डेंजरजोन से गुजर रहे तीर्थयात्री
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पिछले कुछ दिनों से शाम हो रही बारिश ने चारधाम यात्रा पर आने वाले देश-विदेश के तीर्थ यात्रियों की डगर कठिन बना दी है।
पहले से ही खस्ताहाल गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे पर बारिश से कई स्थानों पर दलदल और फिसलन की समस्या हो रही है। इससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बीते साल की आपदा से तबाह हुए गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे को चारधाम यात्रा के लिए कई स्थानों पर कामचलाऊ तौर पर तैयार किया गया है।
गंगोरी और हिना के पास खड़ी चढ़ाई की सड़क पर फिसलन से भारी वाहनों के पीछे आने का खतरा बना हुआ है। भैरोंघाटी से गंगोत्री तक सड़क पूरी तरह से बदहाल है। यहां बारिश ने सड़क की दशा और अधिक खराब कर दी है।
यही हाल यमुनोत्री हाईवे के हैं। बारिश से हाईवे जगह-जगह पानी के तालाब में तब्दील हो गया है।
केदारनाथ में दिन भर धूप, बर्फ पिघली
केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के चार दिन बाद पहली बार बृहस्पतिवार को धाम में चटक धूप खिली। दिन भर धूप रहने से धाम में जमी बर्फ काफी मात्रा में पिघल गई।
एक-दो दिन ऐसा ही मौसम रहता है, तो केदारनाथ बेस कैंप और हेलीपैड के आसपास की बर्फ पिघल जाएगी। इसके बाद जीएमवीएन यहां प्री फेब्रिकेटेड हट्स का निर्माण कर सकेगा।
बृहस्पतिवार को 403 श्रद्धालु केदारनाथ दर्शन कर लौट आए। जबकि दोपहर 12 बजे तक 412 यात्री सोनप्रयाग से केदारनाथ रवाना हुए। शाम पांच बजे तक 35 श्रद्धालुओं सहित 82 लोगों ने केदारनाथ जाने के लिए पंजीकरण करवाया।
केदारनाथ में पड़ रही भयंकर ठंड
केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि यानी चार मई से धाम में बारिश और हवाएं चल रही थी, जिससे यहां ठंड बढ़ गई है। कुछ मरीजों को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें चॉपर से वापस गुप्तकाशी भी भेजना पड़ा।
रोजाना हो रहे खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने सोनप्रयाग से आगे यात्रा कार्यक्रम में फेरबदल कर दिया था। दोपहर 12 बजे बाद सोनप्रयाग से आगे केदारनाथ पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं के चलने पर रोक है।
साथ ही एक दिन में सोनप्रयाग से सिर्फ 500 श्रद्धालुओं को जाने की अनुमति है। हालांकि अभी श्रद्धालुओं की संख्या 500 से ऊपर नहीं पहुंची हैं जिसके चलते अभी किसी को रोका नहीं गया है।
1500 तीर्थयात्री पहुंचे बदरीधाम
बृहस्पतिवार को करीब 1500 तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ धाम के दर्शन किए। धाम में मौसम सुहावना बना हुआ है। बदरीनाथ के दर्शनों के लिए तीर्थयात्रियों में उत्साह बना हुआ है।
बदरीविशाल के दर्शनों के लिए पहुंची अहमदाबाद की 76 वर्षीय जानकी बैन अपंग हैं। फिर भी वह इतनी दूर आईं। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर लामबगड़ से देवदर्शनी तक बदरीनाथ हाईवे दुश्वारियों से भरा है, लेकिन बदरीनाथ के दर्शन होते ही सारी थकान मिट जाती है।
सहारनपुर के बलिराम सिंह कहते हैं कि धाम के मौसम को देखते हुए कुछ दिन यही ठहरने का मन कर रहा है, लेकिन यात्रा शेड्यूल पांच दिन का था, तो लौटना पड़ रहा है।
शुक्रवार को बदरीधाम आएंगे श्रीश्री रविशंकर
शुक्रवार को आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर बदरीनाथ धाम के दर्शनों को पहुंच रहे हैं। उनके साथ करीब 50 श्रद्धालु भी मौजूद रहेंगे।
बसों के लिए बदरीनाथ हाईवे सुगम
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जेपी बैराज के पास सीमा सड़क संगठन की ओर से 100 मीटर हाईवे बनाने से यहां बसों का संचालन भी सुगम हो गया है।
बृहस्पतिवार को गढ़वाल मंडल विकास निगम की चार बसों में 113 तीर्थयात्री भी बदरीनाथ धाम पहुंचे। हाईवे अब बसों के संचालन के लिए सुदृढ़ हो गया है।
पहली बारिश में उखड़ा हाईवे का डामर
ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग का डामरीकरण पहली बारिश की भेंट चढ़ गया। दो महीने पहले ही बिछाया गया डामर उखड़ने से जगह-जगह गड्ढे पड़ गए हैं जिसके चलते स्थानीय लोगों के साथ चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
कीर्तिनगर से स्वीत पुल तक नाली निर्माण के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है। स्वीकृत होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। स्क्रबरों का मलबा भी बरसात शुरू होने से पहले साफ कर दिया जाएगा।
-एसके सिंह, जेई, बीआरओ