{"_id":"13bcbcb4bd7c6ea4b22ba667c5809e27","slug":"chardham-yatra-problems","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस प्लान पर कैसे होगी चारधाम यात्रा?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस प्लान पर कैसे होगी चारधाम यात्रा?
अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Sat, 29 Mar 2014 09:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगामी चारधाम यात्रा के लिए सवा माह से भी कम समय रह गया है। सरकार यात्रा व्यवस्थाओं को समय पर जुटाने के लिए दावे पर दावे करने में लगी है, मगर धरातलीय हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
विज्ञापन
चारधाम यात्रा के प्रवेश द्वार पर यातायात अव्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए न तो फिलहाल कोई प्लान लागू किया गया है और न ही कोई प्लानिंग बनती दिख रही है।
विज्ञापन
राहगीरों के लिए परेशानी
मुख्यमार्गों, संयुक्त यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड एप्रोच मार्गों पर पसरे अतिक्रमण और जगह-जगह अनाधिकृत रूप से पार्क वाहन राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।
विज्ञापन
इसके कारण नगर की आंतरिक सड़कों से लेकर नेशनल हाईवे तक अमूमन लोगों को जाम से हलकान होना पड़ रहा है। मगर इस ओर गौर करने वाला कोई नहीं।
यह स्थिति तब है, जबकि इन दिनों नगर क्षेत्र में बाहरी प्रांतों से पर्यटक वाहनों की आमद काफी कम है। यदि अनदेखी लगातार जारी रही तो चारधाम यात्रा और ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान क्षेत्र में यातायात दबाव बढ़ने पर स्थिति बदतर हो सकती है।
एप्रोच रोड से मुख्यमार्ग तक एक जैसा हाल
अतिक्रमण और अनाधिकृत पार्किंग की स्थिति नगर के आंतरिक मार्गों पर ही नहीं बल्कि चंद्रभागा ब्रिज-संयुक्त यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड मार्ग, देहरादून मार्ग, रेलवे रोड, हरिद्वार हाईवे पर भी अव्यवस्था का आलम है।
व्यस्त मुख्य मार्गों पर जगह-जगह पसरे अतिक्रमण से पहले ही मार्ग संकरे हो चुके हैं, रही सही कसर लोकल वाहन और माल वाहनों की पार्किंग ने पूरी कर दी है। इससे खासकर बीटीसी एप्रोच मार्ग और हरिद्वार मार्ग पर जाम की स्थिति आम हो गई है।
मुनिकीरेती क्षेत्र में भी बुरा हाल
क्षेत्र में खारास्रोत ब्रिज, स्वामी शिवानंद पार्किंग के आसपास बदरीनाथ राजमार्ग पर लोकल और यात्री वाहनों के पार्क होने से जाम की स्थिति बनी रहती है। मगर वीवीआईपी की आवभगत में जुटे रहने वाला प्रशासन और पुलिस कभी इस अव्यवस्था से देसी-विदेशी पर्यटकों को होने वाली परेशानी पर गौर नहीं करती।