चारधामः होगा यात्रियों का रजिस्ट्रेशन, मोबाइल पर अपडेट
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आपदा से आहत उत्तराखंड ने चारधाम यात्रा तिथियां घोषित कर श्रद्घालुओं को आश्वस्त किया है कि हम तैयार हैं। पहली बार चार धाम यात्रियों का बायोमैट्रिक रजिस्ट्रेशन होगा।
यात्री की फोटो और उंगुलियों छाप को लेकर पहचान पत्र जारी किया जाएगा। चार धाम यात्रा के दौरान यात्री जिधर से गुजरेगा जगह-जगह लगे स्कैनर कंट्रोल रूम को सूचित करेंगे। इस प्रणाली से एक जगह कितने यात्री हैं इसकी जानकारी भी जुटाई जा सकेगी।
एसएमएस से अपडेट भेजे जाएंगे
सचिव पर्यटन उमा कांत पंवार ने बताया कि ऋषिकेश समेत उत्तराखंड में प्रवेश के दौरान ही यात्रियों के रजिस्ट्रेशन के लिए 25 केंद्र खोले जाएंगे। जहां से प्रत्येक यात्री को एक बार कोर्ड आधारित फोटो पहचान पत्र मिलेगा। जो यात्रा के दौरान उनकी लोकेशन भी बताएगा।
इतना ही नहीं प्रत्येक यात्री का मोबाइल नम्बर भी दस्तावेजों में दर्ज होगा। इस पर उन्हें समय समय पर मौसम, यात्रियों को आगे न बढ़ने आदि के एसएमएस भी भेजे जाएंगे। इसके लिए बीएसएनएल यात्रा मार्ग में जगह-जगह टॉवर लगाएगा।
उन्होंने बताया कि 15 से 20 किलोमीटर में एक मोबाइल हेल्प यूनिट रहेगी। इसके अलावा गुप्तकाशी, सोनप्रयाग और गौरीकुंड में स्वास्थ्य कैंप व अस्पताल भी होंगे। उन्होंने बताया कि कमिश्नर गढ़वाल पूरी यात्रा के प्रशासक हैं।
रास्ते बंद होने की तत्काल सूचना मिलेगी
पर्यटन विभाग के सचिव पूरी यात्रा कॉर्डिनेट करने के साथ प्रवक्ता की भूमिका में रहेंगे। केदारनाथ के पैदलयात्रियों की संख्या को देखते हुए जिलाधिकारी और पुलिस को अधिकार होंगे कि वह यात्रियों को नीचे ही रोकने के निर्देश दें।
भूस्खलन संभावित इलाकों में पहले से जेसीबी मशीनें रहेंगी। पर्यटन सचिव ने बताया कि सड़क मार्गों को लेकर अभी भी जद्दोजहद जारी है लेकिन पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि यात्रा के पहले इस तरह का मार्ग तैयार कर लिया जाएगा ताकि यात्री वाहन आसानी से चल सकें। उनका कहना है कि रास्ते बंद होने की स्थिति में तत्काल उसकी सूचना नीचे पहुंच जाएगी ताकि जाम की स्थिति न बने।
यात्रा कंट्रोल रूम टोल फ्री नम्बर-2559898
पर्यटन सचिव ने बताया कि चार मार्च को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि दैवी आपदा से बचने केलिए बाढ़ नियंत्रण केकार्य तत्काल पूरे कर लिए जाएं। प्रत्येक दशा में 30 अप्रैल तक यात्रा मार्ग की मरम्मत के लिए कहा गया है।
केदारनाथ के नए पैदल मार्ग केलिए भीमबली से केदारनाथ के बीच पुलिस एवं एनआईएम उत्तरकाशी की संयुक्त टॉस्क फोर्स का गठन किया गया है।
यात्रा कंट्रोल रूम स्थापित
यात्रा कंट्रोल रूम टोल फ्री नम्बर-2559898
ई-मेल- yatra4dham@yahoo.co.in
पर्यटन सचिव ने बताया कि इस बार यात्रा कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। कंट्रोल रूम की स्थापना उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के गढ़ीकैंट स्थिति मुख्यालय में की जाएगी। यह केंद्र डिजास्टर से अलग होगा। इसका उद्देश्य यात्रा से संबंधित सूचनाएं व जानकारियां उपलब्ध कराना है।
इसकी मदद से आपात स्थित, मौसम आदि की जानकारियों के साथ रेल, बस, होटल, धर्मशाला आदि की सूचनाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। टोल फ्री नम्बर 2559898 पर फोन कर कोई भी कॉल सेंटर की तरह यात्रा से जुड़ी सभी जानकारियां ले सकेगा।
आपात स्थितियों में मददगार होंगे
करीब 12 हजार करोड़ का नुकसान
पिछले जून माह में आई दैवी आपदा में करीब 12 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। पर्यटन सचिव ने बताया कि पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स ने नुकसान का अनुमान लगाया है। उन्होंने बताया कि आपदा के चलते पर्यटन को काफी नुकसान हुआ है।
देश-दुनिया में लोगों में अभी भी कई तरह की शंका है। जिसका खामियाजा उठाना पड़ रहा है अभी तक सिर्फ 15 से 20 फीसदी ऑन लाइन बुकिंग हुई है। इसी को ध्यान में रखकर पर्यटन विभाग दिल्ली समेत पूरे देश में दौरा कर यहां की तस्वीर साफ करेगा। उनका कहना है कि चारधाम यात्रा करीब तीन लाख लोगों को रोजगार देती है। उनका कहना है कि कितने लोग आएंगे यह अनिश्चिय है लेकिन 50 से एक करोड़ लोगों के आने की उम्मीद है।
मंदिर के कपाट खुलने की तिथियां
गंगोत्री-यमुनोत्री---------------2 मई
केदारनाथ धाम---------------4 मई
बदरीनाथ धाम---------------5 मई
हेमकुंड साहिब---------------25 मई
उत्तराखंड के बुर्जुगों को मुफ्त यात्रा
पहली चारधाम की यात्रा प्रदेश के 65वर्ष और उससे अधिक के बुर्जुगों के लिए मुफ्त रहेगी। इसकेलिए पर्यटन विभाग और परिवहन विभाग की संयुक्त स्कीम का लाभ उन्हें मिलेगा।
कम रेट में हवाई यात्रा भी
यात्रा रुकने की स्थिति में अगर कोई यात्री अचानक हवाई यात्रा की सेवाएं लेना चाहेगा तो उन्हें कम दरों में यह सेवा भी सरकार उपलब्ध कराएगा। निजी हेलीकाप्टर कम्पनियों की मदद से सीमिति लोगों को यह सेवा उपलब्ध होगी।