Chardham Yatra 2025: अस्वस्थ घोड़ा-खच्चरों को यात्रा मार्ग पर जाने की अनुमति नहीं, यूपी से आने पर भी रोक
Chardham Yatra 2025: राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान संस्थान ने 26 मार्च 2025 को रुद्रप्रयाग जिले के दो गांव में घोड़े-खच्चरों की सैंपलिंग की, जिसमें एक्वाइन इन्फ्लूएंजा वायरस से संक्रमित घोड़े होने की सूचना मिली थी।
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अस्वस्थ घोड़ा-खच्चर को यात्रा मार्ग में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। स्थानीय लोगों ने घोड़ा-खच्चरों पर लगी रोक को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है। यह कहना है, पशुपालन विभाग के सचिव डाॅ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम का। उन्होंने कहा कि चार अप्रैल से अब तक 16 हजार घोड़े- खच्चरों की सैंपलिंग की जा चुकी है।
सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में केदारनाथ मार्ग में संचालित घोड़े-खच्चरों में एक्वाइन इन्फ्लूएंजा वायरस के बारे में उन्होंने बताया कि वायरस की जानकारी मिलने के बाद पशुपालन विभाग ने कई अहम कदम उठाएं हैं। राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान संस्थान ने 26 मार्च 2025 को रुद्रप्रयाग जिले के दो गांव में घोड़े-खच्चरों की सैंपलिंग की, जिसमें एक्वाइन इन्फ्लूएंजा वायरस से संक्रमित घोड़े होने की सूचना मिली थी। जिसके बाद की गई सैंपलिंग में 152 सैंपल पॉजिटिव आए, इन सैंपलों को आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए भेजा गया। जिसमें किसी भी घोड़े-खच्चर की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं मिली।
सचिव ने बताया कि दो दिन की यात्रा में 13 घोड़े-खच्चरों की मौत हुई है। जिसमें आठ घोड़ों की मौत डायरिया एवं पांच की एक्यूट कोलिक से हुई है। विस्तृत जांच के लिए इनके सैंपल आईवीआरआई बरेली भेजे गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए 22 से अधिक चिकित्सकों की टीम को यात्रा मार्ग में तैनात किया गया है।
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पंतनगर विश्वविद्यालय से भी पहुंचे चिकित्सक
सचिव पशुपालन ने बताया कि स्थिति से निपटने के लिए जिले में एक मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी, दो उप मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी, 22 पशु चिकित्सक, राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र के दो वैज्ञानिकों की टीम तैनात की गई है। इसके अलावा पंतनगर विश्वविद्यालय के दो विशेषज्ञ चिकित्सक भी तैनात किए गए हैं।
यूपी से आने वाले घोड़ा-खच्चर पर प्रतिबंध
सचिव पशुपालन ने बताया कि यात्रा को सुचारू करने के लिए स्वस्थ एवं अस्वस्थ घोड़े-खच्चरों को चिह्नित किया जा रहा है। हर साल यात्रा मार्ग पर पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से 2-3 हजार घोड़े-खच्चर आते हैं। एक्वाइन इन्फ्लूएंजा वायरस से बचाव के चलते यूपी से आने वाले घोड़ों- खच्चरों पर वर्तमान समय तक पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया है। एक्वाइन इन्फ्लूएंजा वायरस में जानवरों से मनुष्यों में संक्रमण नहीं फैलाता है, लेकिन घोड़े- खच्चरों में इसका संक्रमण बहुत तेजी से फैलता है।
600 घोड़ा-खच्चरों के लिए क्वारंटीन सेंटर बनाए
पशुपालन विभाग के सचिव ने कहा, संक्रमित 600 घोड़ा-खच्चरों के लिए क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं। वहीं, विभिन्न यात्रा पड़ावों में भी इन्हें क्वारंटीन किया जाएगा।
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