Chardham Yatra 2023: चारधाम...चार चुनौतियां...चार इंतजाम, यात्रा का काउंट डाउन शुरू, पेश है ये रिपोर्ट
सरकार के लिए चुनौती वाली बात इसलिए भी है कि पिछले साल की तुलना में इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आ रहे हैं। इसका तस्दीक चारधाम यात्रा के पोर्टल पर यात्रियों के पंजीकरण से हो रहा है। अमर उजाला ने चारधाम की चुनौतियों और सरकार द्वारा कराए गए इंतजाम की पड़ताल की। पेश है ये रिपोर्ट।
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इस माह 22 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का विधिवत आगाज हो जाएगा। इस लिहाज से यात्रा का काउंट डाउन शुरू हो गया है। 20 अप्रैल से श्रद्धालु यात्रा पर निकलने शुरू हो जाएंगे। हर साल की तरह इस साल भी यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार पर जबर्दस्त दबाव है।
यात्रा से ठीक पहले कोविड 19 महामारी के बढ़ते मामलों से सरकार चौकन्नी है। सरकार के लिए चुनौती वाली बात इसलिए भी है कि पिछले साल की तुलना में इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आ रहे हैं। इसका तस्दीक चारधाम यात्रा के पोर्टल पर यात्रियों के पंजीकरण से हो रहा है।
भीड़ प्रबंधन, परिवहन, पार्किंग से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था बनाने के लिए सरकार को विशेष प्रबंधन करने पड़ रहे हैं। अमर उजाला ने चारधाम की चुनौतियों और सरकार द्वारा कराए गए इंतजाम की पड़ताल की। पेश है ये रिपोर्ट।
- कोविड के बढ़ते मामलों को लेकर चौकस
- पार्किंग और ट्रैफिक की समस्या से निपटना होगा
- धामों पर भीड़ प्रबंधन पर करना होगा ज्यादा फोकस
- केदारनाथ और यमुनोत्री में स्वास्थ्य सेवाओं का इंतजाम
1. कोविड के बढ़ते साये में यात्राः उत्तराखंड कोविड संक्रमण की दर 10 फीसदी अधिक हो चुकी है। पिछले तीन दिन में 298 नए संक्रमित मिले हैं और तीन लोगों की मौत हो चुकी है। ज्यादा मामले देहरादून जिले से हैं। सुकून की बात यह है कि पर्वतीय जिलों में संक्रमण के मामले अभी कम है।
इंतजामः स्वास्थ्य विभाग नजर बनाए हुए हैं। यदि मामले ज्यादा बढ़ते हैं तो विभाग चारधाम यात्रा के लिए अलग से एसओपी जारी करेगा।
2. पार्किंग और ट्रैफिक की समस्याः चारधाम यात्रा की दूसरी सबसे चुनौती पार्किंग और ट्रैफिक जाम से निपटने की है। ऋषिकेश से लेकर चार धाम में वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी होती है।
इंतजामः प्रशासन ने जाम वाले स्थानों को चिन्हित किया है। ऐसे क्षेत्रों में वैकल्पिक मार्ग तैयार किए गए हैं। जाम की स्थिति में ट्रैफिक को इन रास्तों से निकाला जाएगा। पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को पार्किंग के लिए प्रोत्साहित किया गया है। खाली सरकारी भूमि व मैदानों को पार्किंग के लिए प्रयोग किया जाएगा।
3. आसान नहीं भीड़ प्रबंधनः यात्रा के शुरुआती स्थल हरिद्वार और ऋषिकेश से ही यात्रियों की भीड़ जुटनी शुरू हो जाएगी। इस बार रिकार्ड यात्री आने वाले हैं। यात्रा शुरू होने से पहले ही 14.50 लाख श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करा दिया है। धामों पर भीड़ को नियंत्रित करना आसान नहीं होगा।
इंतजामः सरकार ने धामों के लिए ऑनलाइन और ऑफ लाइन पंजीकरण की अनिवार्यता की है। स्थानीय लोगों को इससे छूट दी गई है। प्रतिदिन संख्या के हिसाब पंजीकरण किए जा रहे हैं। परिस्थिति के अनुरूप धामों में यात्रियों को दर्शन के लिए भेजा जाएगा ताकि भीड़ का प्रबंधन हो सके।
4. स्वच्छता और स्वास्थ्यः यात्रा के दौरान प्लास्टिक व अन्य कचरा निपटान एक बड़ी चुनौती होगी। उच्च हिमालयी क्षेत्र होने के कारण कई श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य बिगड़ जाता है। पिछले साल यात्रा के दौरान केदारनाथ,यमुनोत्री व बदरीनाथ 350 लोगों की हार्ट अटैक से मौत गई थी।
इंतजामः केंद्र से लेकर राज्य सरकार ने इस बार स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। चारों धामों पर डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है। यात्रा सीजन के दौरान सेवाएं देने वाले डाक्टरों और मेडिकल स्टॉफ को प्रोत्साहन भत्ता दिया जाएगा।
चारधाम यात्रा
बदरीनाथ- 27 अप्रैल
केदारनाथ- 25 अप्रैल
गंगोत्री- 22 अप्रैल
यमुनोत्री 22 अप्रैल
स्वाभाविक तौर पर चारधाम यात्रा में यात्रियों की संख्या बढ़ेगी। लेकिन हमारी प्राथमिकता संख्या बढ़ाने पर नहीं बल्कि गुणवत्तापरक यात्रा पर होनी चाहिए। अभी भी चारधाम यात्रा के प्रबंधन के लिए काफी कुछ किए जाने की आवश्यकता है। हमने सर्वे पाया कि लोग ट्रैफिक जाम, पार्किंग, कचरे की समस्या को लेकर चिंतित हैं। -अनूप नौटियाल, सामाजिक कार्यकर्ता
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इस साल बड़ी संख्या में यात्री जुटेंगे, इसे देखते हुए हमारी सरकार ने पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। केंद्र सरकार ने भी हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। पर्यटन और तीर्थाटन कारोबार भी चले और यात्रियों व पर्यटकों की यात्रा भी सुगम और सुरक्षित हो, इसके लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। - सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री
चारधाम यात्रा में जितने भी डॉक्टर तैनात किए गए हैं, उन्हें हार्ट अटैक की बीमारी के संबंध में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा यात्रा मार्ग पर 50 हेल्थ एटीम भी लगाए गए हैं। कोविड को लेकर हालात अभी सामान्य है। मामले ज्यादा बढ़ेंगी तो अलग से एसओपी जारी की जाएगी। -आर. राजेश कुमार, सचिव स्वास्थ्य