गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर रामबाड़ा से लिनचोली के बीच जमी बर्फ की सफाई का काम शुरू हो गया है। डीडीएमए के 80 मजदूर यहां छह फीट से अधिक जमा बर्फ को बीच से काटकर आवाजाही के लिए चार फीट चौड़ा रास्ता बना रहे हैं। यहां अलग-अलग स्थानों पर 25 से 45 फीट लंबाई और 15 से 20 फीट ऊंचे हिमखंड भी पसरे हुए हैं।
आगामी छह मई से शुरू हो रही केदारनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। डीडीएमए लोनिवि डिवीजन गुप्तकाशी के 80 मजदूर गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर रामबाड़ा से लिनचोली के बीच बर्फ की सफाई में जुटे हैं। यहां 80 मजदूर फावड़ा, बेलचा और गैंती से जमा बर्फ को काटकर साफ कर रहे हैं।
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बीते एक माह से लगे मजदूरों द्वारा छोटी लिनचोली के पहले मोड़ तक बर्फ को काटकर दो सौ मीटर रास्ता तैयार किया गया है। डीडीएमए (जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) के ईई प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर एक मार्च से बर्फ हटाने का काम शुरू किया गया है। जंगलचट्टी से भीमबली तक एक से ढाई फीट तक ही बर्फ है, जबकि रामबाड़ा से आगे चार से 12 फीट तक बर्फ है।
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गौरीकुंड केदारनाथ पैदल मार्ग
- फोटो : अमर उजाला
छोटी लिनचोली के पहले मोड़ तक जमा बर्फ को काटकर चार फीट सीढ़ीदार रास्ता बनाया गया है, जिससे फिसलन न हो। भीमबली-लिनचोली वैकल्पिक मार्ग भी काफी बर्फ जमा है।
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गौरीकुंड केदारनाथ पैदल मार्ग
- फोटो : अमर उजाला
रामबाड़ा से रुद्रा प्वाइंट के बीच टीएफ चट्टी, भैरव गदेरा, हथनी गदेरा सहित आठ स्थानों पर हिमखंड भी हैं। जिन्हें हटाना बड़ी चुनौती है।
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गौरीकुंड केदारनाथ पैदल मार्ग
- फोटो : अमर उजाला
हिमखंडों को काटने का काम दूसरे चरण में किया जाएगा। साथ ही इस कार्य के लिए मजदूरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। 15 अप्रैल से केदारपुरी में भी बर्फ की सफाई शुरू कर दी जाएगी।
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केदारनाथ में बर्फबारी
- फोटो : अमर उजाला
केदारनाथ मंदिर मार्ग व मंदिर परिसर में छह फीट से अधिक बर्फ जमा है। इधर, जिलाधिकारी मनुज गोयल ने बताया कि आगामी यात्रा के लिए समयबद्ध तैयारी पूरी की जाएंगी।