{"_id":"6295f1e6c03a1e7bba0ba80e","slug":"chardham-yatra-2022-case-filed-against-two-mule-owners-under-animal-cruelty-act","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kedarnath Yatra: पशु क्रूरता अधिनियम के तहत दो खच्चर स्वामियों पर मुकदमा, चेकिंग अभियान के दौरान इस हाल में मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kedarnath Yatra: पशु क्रूरता अधिनियम के तहत दो खच्चर स्वामियों पर मुकदमा, चेकिंग अभियान के दौरान इस हाल में मिले
Tue, 31 May 2022 04:31 PM IST
रेनू सकलानी
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
Published by: रेनू सकलानी
Updated Tue, 31 May 2022 04:31 PM IST
सार
खच्चर पर एक व्यस्क के साथ 10-12 वर्ष का बच्चा भी बैठा मिला। अधिक भार ढुलान से खच्चर की तबीयत बिगड़ने की संभावना को देखते हुए पशु स्वामी के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की गई। वहीं दूसरे खच्चर की हालत ज्यादा खराब होने के बावजूद जबरन यात्रा पर ले जाया जा रहा था।
विज्ञापन
चारधाम यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर चेकिंग के दौरान पशुपालन विभाग की टीम ने घोड़ा-खच्चरों के संचालन के मामले में पशु क्रूरता अधिनियम के तहत दो पशु स्वामियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही अन्य को भी जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
केदारनाथ यात्रा पैदल मार्ग पर विभागी टीम ने चेकिंग के दौरान देखा कि दिलवर सिंह, ग्राम खुमेरा को का खच्चर चलने में असमर्थ है। बावजूद, पशुपालक उसे यात्रा में जबरन लाया है। खच्चर को तत्काल उपचार के लिए गौरीकुंड लाया गया। वहीं, पशु स्वामी मोहम्मद शहवान ग्राम शाहनपुर, नजीमाबाद, बिजनौर अपने छोटे खच्चर पर अधिक भार ढुलान कर रहा है।
विज्ञापन
खच्चर पर एक व्यस्क के साथ 10-12 वर्ष का बच्चा भी बैठा मिला। अधिक भार ढुलान से खच्चर की तबीयत बिगड़ने की संभावना को देखते हुए पशु स्वामी के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की गई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. आशीष रावत ने बताया कि दोनों पशुपालकों के खिलाफ सोनप्रयाग कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें...बच्चे हैं चार, बताए दो: महिला बीडीसी सदस्य को सूचना छिपाना पड़ा भारी, जांच में सामने आया सच तो पद से धोना पड़ा हाथ
विभाग ने डा. राजीव गोयल और डा. दीपमणि गुप्ता के नेतृत्व में टीम गठित कर गौरीकुंड में तैनात कर दी गई है। टीम में पशुपालन विभाग के साथ पुलिस और सेक्टर मजिस्ट्रेट को भी शामिल किया गया है। यह टीम गौरीकुंड से केदारनाथ तक चरणबद्ध रेकी करते हुए कमजोर, बीमार घोड़े खच्चरों के संचालन के साथ ही जानवर पर ओवर वेट, बिना पंजीकरण व लाइसेंस के मामलों की पड़ताल कर कार्रवाई करेगी। बताया कि टीम से प्रतिदिन की रिपोर्ट मांगी जा रही है।