उत्तराखंड: आठ घंटे बंद रहा बदरीनाथ हाईवे तो तीन घंटे देरी से शुरू हुई केदारनाथ यात्रा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदरीनाथ हाईवे पर परेशानी का सबब बने लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में शनिवार को भी करीब आठ घंटे तक हाईवे अवरुद्ध रहा, जिससे बदरीनाथ धाम जा रहे तीर्थयात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं केदारनाथ यात्रा भी तीन घंटे की देरी से शुरू हुई।
शनिवार सुबह पांच बजे लामबगड़ में भूस्खलन से हाईवे अवरुद्ध हो गया था, जिस पर सुबह करीब दस बजे आवाजाही शुरू हो पाई। करीब दो घंटे तक वाहनों की आवाजाही होने के बाद यह दोबारा दोपहर 12 बजे मलबा और बोल्डर गिरने से बंद हो गया, जो अपराह्न तीन बजे सुचारु हो पाया। हाईवे बंद होने से करीब 80 तीर्थयात्रियों को तीन किमी पैदल चलकर बदरीनाथ धाम पहुंचना पड़ा, जबकि हाईवे खुलने के बाद 455 यात्री अपने वाहनों से धाम के लिए रवाना हुए। 823 तीर्थयात्री दर्शन कर अपने गंतव्य लौट गए।
लामबगड़ में बार-बार हाईवे के बाधित होने से बदरीनाथ की यात्रा पर जा रहे तीर्थयात्रियों के साथ ही हनुमानचट्टी, माणा और समीपवर्ती गांवों के ग्रामीणों को भी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, चमोली बाजार से करीब डेढ़ किमी दूर क्षेत्रपाल भूस्खलन जोन भी वाहनों की आवाजाही में बार-बार खलल पैदा कर रहा है। यहां पहाड़ी से मलबा गिर रहा है, जिससे हाईवे दलदल में तब्दील हो रहा है। मेकाफेरी कंपनी के वरिष्ठ सुपरवाइजर अनूप कंवाण का कहना है कि लामबगड़ में दो जेसीबी और करीब 20 मजदूर तैनात किए गए हैं, जो चट्टान से मलबा और बोल्डर आने पर उन्हें हटाने में लगे हुए हैं। बारिश होने के बाद ही हाईवे पर मलबा और बोल्डर बरस रहे हैं। मौसम ठीक होने के बाद लामबगड़ में ट्रीटमेंट कार्य शुरू किया जाएगा।
तेज बारिश के कारण देर से शुरू हुई यात्रा
तेज बारिश के कारण केदारनाथ की यात्रा तीन घंटे देर से शुरू हुई। प्रशासन की ओर से पूर्वाह्न 11 बजे से सोनप्रयाग से धाम के लिए यात्री रवाना किए गए। दोपहर दो बजे तक 573 श्रद्धालु धाम जा चुके थे।
शनिवार सुबह सात बजे से तेज बारिश के चलते सोनप्रयाग से यात्रियों को पैदल मार्ग से धाम नहीं जाने दिया गया। 10.30 बजे बारिश कम होने के बाद यात्रियों को केदारनाथ के लिए रवाना किया गया। उधर, गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी दोपहर तक हल्की बारिश होती रही। जिले में कई संपर्क मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दस घंटे बाद खुला कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग
कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग शनिवार को करीब 10 घंटे बाद खुल पाया। बारिश के कारण मल्यापौड़ में मलबा आने से मार्ग बंद हो गया था। वहीं देवाल-थराली मोटर मार्ग शनिवार को भी नहीं खुल पाया, जबकि देवाल मुंदोली मोटर मार्ग 8 दिन और बेराधार मोटर मार्ग 10 दिनों से बंद है। शुक्रवार रात को भारी बारिश के कारण कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग पर मल्यपौड़ में पहाड़ी से मलबा आ गया था। रात बारह बजे यहां सड़क बंद हो गई, जो शनिवार सुबह दस बजे खुल पाई। वहीं थराली-देवाल मोटर मार्ग चेपड़ों गदेरे और नंदकेशरी के पास बंद रहा। हालांकि लोक निर्माण विभाग नंदकेशरी के पास मलबा हटाने में जुटा हुआ है। लोनिवि के ईई विजय कुमार ने बताया कि सड़कें खोलने के लिए सभी स्थानों पर जेसीबी तैनात हैं, लेकिन लगातार पहाड़ी से मलबा गिरने से परेशानी हो रही है।