यमुनोत्री-गंगोत्री के कपाट खुले, शुरू हुई पवित्र चारधाम यात्रा
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अक्षय तृतीया पर मंगलवार को चारधाम यात्रा की शुरुआत हो गई। मंत्रोच्चारण के साथ दोपहर लगभग 12 बजे यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुल गए।
इससे पहले मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली से डोली मंगलवार की सुबह यमुनोत्री पहुंची। इसके बाद दोपहर लगभग 12:30 बजे मां गंगा की डोली की मौजूदगी में गंगोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए।
कपाट खुलने के पहले से ही श्रद्धालु आस्था पथ पर रवाना होने लगे। कपाट खुलने के दौरान धाम में सैकडों श्रद्घालु मौजूद रहे। सोमवार को भी ऋषिकेश से 17 बसों में मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात के 535 तीर्थयात्री चारधाम की यात्रा पर रवाना हुए।
इससे पहले उत्तरकाशी में मां गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद सोमवार को मां की डोली गंगोत्री धाम के लिए रवाना हो गई। तीर्थ पुरोहितों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण डोली को विदा करने मुखबा गांव में जुटे।
शाम को डोली रात्रि विश्राम के लिए भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर में पहुंची। धाम के कपाट खुलने के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत भी मौजूद रहे।
केदार बाबा की डोली रवाना, 23 को खुलेंगे कपाट
सोमवार को ही बाबा केदार की उत्सव डोली भी शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से केदारनाथ धाम के लिए रवाना हुई। विभिन्न पड़ावों पर रुकते हुए बाबा की उत्सव डोली 23 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंचेगी। 24 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट सुबह 8:50 बजे खुले जाएंगे। इसके बाद 26 को बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुल जाएंगे।
मौसम के मिजाज ने बढ़ाई चिंता
चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले ही उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदल गया। रविवार रात और सोमवार को गढ़वाल के कई इलाकों में बारिश हुई। मौसम के तेवर से सरकार और चारधाम यात्रा से जुड़े लोग आशंकित हैं।
सोमवार को भी चमोली जिले में जोशीमठ से लेकर बदरीनाथ तक दोपहर में एक घंटे बारिश और ओलावृष्टि हुई। रविवार रात भी बदरीनाथ में बारिश हुई थी।
केदारनाथ में दिन में 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक हल्की बारिश के साथ बर्फबारी हुई। उत्तरकाशी में भी बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में अगले चार दिन बादलों और सूरज के बीच लुकाछुपी का खेल जारी रहेगा। मौसम को लेकर चिंता ही है कि मुख्यमंत्री बाबा केदार और बदरीनाथ से सुरक्षित यात्रा का आशीर्वाद मांग रहे हैं।