चारधाम परियोजना: प्रदेश के पांच बड़े शहरों के बाहर से यातायात गुजारने के लिए बनाए जाएंगे बाईपास
चारधाम परियोजना में बाईपास का काम शीघ्र शुरू होगा। ऋषिकेश, चंपावत, पिथौरागढ़, लोहाघाट और जोशीमठ शहर के बाहर बाईपास बनेंगे। पहले चरण में चंपावत में काम शुरू होगा। कुल 57.85 किमी लंबाई के बाईपास बनेंगे।
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चारधाम परियोजना के तहत प्रदेश के पांच बड़े शहरों के बाहर से यातायात गुजारने के लिए बाईपास बनाए जाएंगे। इनमें ऋषिकेश, चंपावत, पिथौरागढ़, लोहाघाट और जोशीमठ शामिल हैं। पांचों बाईपास की कुल लंबाई 57.85 किमी होगी। चंपावत बाईपास के लिए डीपीआर तैयार कर केंद्र को भेज दी गई है। इसे जल्द अनुमति मिलने की उम्मीद है।
ऋषिकेश, जोशीमठ, चंपावत, पिथौरागढ़ और लोहाघाट में शहर के अंदर की सड़कें संकरी होने के कारण बाईपास का निर्माण प्रस्तावित है। पूर्व में ये मामला कोर्ट में पीआईएल दाखिल होने की वजह से अटक गया था। चारधाम परियोजना के तहत जिन हिस्सों में निर्माण कार्यों पर रोक थी, उनमें इन पांचों बाईपास का निर्माण भी शामिल था।
अब सुप्रीम कोर्ट से यह रोक हट चुकी है। प्रमुख सचिव लोनिवि आरके सुधांशु ने बताया कि पहले चरण में चंपावत में बनने वाले 9.80 किमी बाईपास निर्माण के लिए शासन की ओर से 285.48 लाख रुपये का अनुमानित इस्टीमेट केंद्र को स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
| शहर | किमी | अनुमानित लागत |
| ऋषिकेश | 17.30 | 550 करोड़ रुपये |
| चंपावत | 9.80 | 285 करोड़ रुपये |
| पिथौरागढ़ | 14.93 | 260 करोड़ रुपये |
| लोहाघाट | 9.47 | 160 करोड़ रुपये |
| जोशीमठ | 6.47 | 200 करोड़ रुपये |
बाईपास बन जाने के बाद शहरों में नहीं लगेगा जाम
ऋषिकेश और जोशीमठ में चारधाम यात्रा के दौरान भारी जाम की स्थिति रहती है। बाहर से आने वाले यात्रियों को इन दोनों ही शहरों में कई घंटों तक जाम से जूझना पड़ता है। गढ़वाल क्षेत्र में आने वाले हर पर्यटक को ऋषिकेश से होकर ही गुजरना पड़ता है। इस वजह से ऋषिकेश में हर दिन ही जाम की स्थिति बन जाती है। इससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बाईपास बन जाने के बाद लोग शहर के बाहर ही बाहर निकल जाएंगे। इससे शहर को जाम से मुक्ति मिल जाएगी।