चारधाम यात्रा 2020: बढ़ रहा यात्रा के प्रति उत्साह, छह दिन में 5000 यात्रियों को ई-पास जारी
- रविवार को देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट से 510 पास बने
- सावन शुरू होने से केदारनाथ और गंगोत्री के लिए बढ़ी ई-पास की मांग
- प्रदेश के लोगों में बढ़ रहा यात्रा के प्रति उत्साह
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प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड देवस्थानम बोर्ड ने छह दिन में पांच हजार यात्रियों को ई-पास जारी किए हैं। रविवार को बोर्ड की वेबसाइट से 510 यात्रियों को पास दिए गए। सोमवार से सावन शुरू होने के साथ ही बाबा केदार और गंगोत्री के दर्शन के लिए ई-पास मांगने वालों की संख्या बढ़ रही है।
देवस्थानम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने बताया कि चारधाम यात्रा के प्रति प्रदेश के लोगों में उत्साह बढ़ रहा है। छह दिन के भीतर बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धाम के लिए पांच हजार से अधिक तीर्थ यात्रियों को ऑनलाइन पंजीकरण कराए।
जिन्हें पास जारी कर दिए गए हैं। रविवार को चारधामों के लिए 510 पास जारी किए गए। इसमें बदरीनाथ धाम के 195, केदारनाथ के 232, गंगोत्री 53 और यमुनोत्री के लिए 30 यात्रियों को पास दिए गए। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि चारों धामों में धीरे-धीरे यात्रियों की आमद बढ़े। जिससे पर्यटन और तीर्थाटन को गति मिल सके।
बदरीनाथ के दर्शन के लिए लगने लगी भक्तों की लाइन
बदरीनाथ-केदारनाथ में अब तीर्थयात्रियों की चहल-पहल होने लगी है। सोमवार को बदरीनाथ धाम में 264 तीर्थयात्री जबकि केदारनाथ में 198 श्रद्धालु दर्शनों को पहुंचे। यात्रा शुरू होने के बाद से ऐसा पहली बार हुआ है जबकि बदरीनाथ में तीर्थयात्रियों को दर्शन के लिए लाइन में लगानी पड़ी और केदारनाथ में श्रद्धालुओं की रौनक रही। सावन का सोमवार होने पर केदारनाथ में श्रद्धालुओं ने परिसर में ही जल चढ़ाया। केदारनाथ जाने के लिए शाम पांच बजे तक भी सोनप्रयाग से यात्रियों को भेजा गया।
सोमवार को 264 तीर्थयात्री बदरीनाथ पहुंचे। सोमवार सुबह नौ बजे तक तीर्थयात्रियों ने लाइन में खड़े होकर भगवान बदरीनाथ के दर्शन किए। अभी तक धाम में लाइन नहीं लगानी पड़ रही थी। वहीं केदारनाथ धाम में 198 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
धाम में दिनभर श्रद्धालुओं के आवागमन से रौनक बनी रही। सोनप्रयाग में तैनात कानून-गो एमएल अंजवाल ने बताया कि शाम पांच बजे के बाद भी सोनप्रयाग से श्रद्धालुओं को रवाना किया गया है। सावन के पहले सोमवार को श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर से ही आराध्य बाबा केदार का जलाभिषेक कर घर-परिवार की सुख-समृद्धि की मनौतियां मांगीं।