चारधाम यात्रा: बदरीनाथ-यमुनोत्री हाईवे बंद, पैदल मार्ग में फंसे यात्री, एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू
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बारिश से चारधाम यात्रा बाधित हो गई है। एक ओर बदरीनाथ हाईवे रविवार से बंद पड़ा है तो वहीं कई दिनों के बाद भी यमुनोत्री हाईवे नहीं खुला।
बदरीनाथ हाईवे क्षेत्रपाल में दूसरे दिन भी नहीं खुल पाया। हाईवे बंद होने से तीर्थयात्रियों के साथ ही स्थानीय लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को हाईवे खोलने में जुटी जेसीबी बोल्डर की चपेट में आने से ऑपरेटर गंभीर रूप से घायल हो गया और जेसीबी क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं वैकल्पिक मार्ग से जा रहे यात्री बरसाती नाले की वजह से फंस गए। जिन्हें एसडीआरएफ के जवानों द्वारा सुरक्षित पहुंचाया गया।
ऑपरेटर को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। वहीं डीएम स्वाति एस भदौरिया ने मौके का निरीक्षण किया और हाईवे की स्थिति देख एनएचआईडीसीएल (नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड) के अधिकारियों को फटकार लगाई है। डीएम ने हाईवे जल्द खोलने के लिए अधिकारियों को मशीन और मजदूूरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
शनिवार रात करीब दो बजे भारी बारिश के दौरान क्षेत्रपाल में चट्टान से मलबा आने से हाईवे बंद हो गया था। रविवार सुबह जब यात्री वाहन यहां पहुंचे तो हाईवे बंद मिला और देखते ही देखते यहां दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। रविवार को देर शाम तक हाईवे न खुलता देख जिला प्रशासन ने चमोली बाजार में नगर पालिका और बीकेटीसी के गेस्ट हाउस में तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की। सोमवार सुबह आठ बजे बारिश थमी तो हाईवे खोलने का काम शुरू हुआ। चट्टान से रह-रहकर मलबा और बोल्डर हाईवे पर आने से एनएच के मजदूर हाईवे खोल नहीं पाए। दोपहर एक बजे मलबा हटाते समय चट्टान से एक बोल्डर जेसीबी पर आ गिरा, जिसमें ऑपरेटर गंभीर रूप से घायल हो गया और जेसीबी क्षतिग्रस्त हो गई। ऑपरेटर को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। इससे हाईवे खोलने का काम करीब एक घंटे तक बाधित रहा और शाम तक भी नहीं खुल पाया। वहीं दोपहर को डीएम ने क्षेत्रपाल में हाईवे का निरीक्षण किया और जल्द हाईवे खोलने के निर्देश एनएचआईडीसीएल को दिए।
जगह-जगह रोके गए हैं 456 तीर्थयात्री
क्षेत्रपाल में हाईवे बंद होने के कारण पुलिस प्रशासन की ओर से जगह-जगह कुल 456 तीर्थयात्री रोके गए हैं। बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर जाने वाले करीब 320 तीर्थयात्रियों को चमोली, कुहेड़, मैठाणा और नंदप्रयाग में जबकि वहीं बदरीनाथ की यात्रा कर लौट रहे 136 तीर्थयात्रियों को छिनका में रोका गया है। क्षेत्रपाल से 64 तीर्थयात्री चार किलोमीटर पैदल सफर करने के बाद हाईवे के दूसरे छोर चमोली बाजार पहुंचे और यहां से स्थानीय वाहनों से अपने गंतव्य को लौट गए।
ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग नरेंद्रनगर में दिनभर रहा बंद
ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सोमवार को पुरानी चुंगी के पास दिनभर बंद रहा। जिससे टिहरी जाने वाले सभी बड़े वाहनों को भद्रकाली में रोक दिया गया। ऑल वेदर सड़क निर्माण में लगे अधिकारी ने देर सायं तक सड़क खुलने का दावा किया है। रविवार रात को हुई भारी बारिश से राष्ट्रीय राजमार्ग यहां पुरानी चुंगी के पास पहाड़ धंसने से राजमार्ग रात करीब ढाई बजे बंद हो गया। सड़क बंद होने के कुछ देर बाद मलबा हटाने के लिए दोनों ओर से जेसीबी मशीन लगाई गई। लेकिन मलबा इतना अधिक था कि सोमवार शाम तक भी सड़क से पूरा मलबा नहीं हटाया जा सका।
सड़क बंद होने पर छोटे वाहनों को वाया पीटीसी भेजा गया। लेकिन बड़े वाहनों को भद्रकाली में ही रोक दिया गया। जबकि बड़ी संख्या में सड़क के दोनों ओर ट्रक फंसे रहे। राजमार्ग देर रात प्लास्डा में बंद हो गया था। लेकिन वहां मलबा कम होने पर सोमवार सुबह साढ़े दस बजे खोल दिया गया। वहीं पुरानी चुंगी के पास सड़क दिनभर बंद रही। ऑल वेदर सड़क निर्माण के सेक्शन ऑफिसर रोहित राणा ने बताया कि शाम पांच बजे कुछ छोटे वाहनों को पास कराया गया। लेकिन फिर से मलबा आने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सोमवार देर शाम तक यातायात सुचारू कर दिया जाएगा।