चकराता मर्डरः हत्यारों के मां-बाप का बहिष्कार!
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दिल्ली से चकराता घूमने आए सैलानी जोड़े की हत्या से आहत खत बनगांव की पंचायत ने आरोपियों के सामाजिक बहिष्कार के फैसले पर अपनी रजामंदी दे दी है।
आरोपियों के खत (कई गांवों को जोड़कर बना क्षेत्र) की पंचायत ने एक स्वर से उनके लिए फांसी की मांग की। ग्रामीणों ने फैसला किया है कि कोई भी व्यक्ति न तो आरोपियों का केस लड़ेगा और न ही उनसे मिलने जाएगा।
पारिवारिक सदस्य भी आरोपियों से नाता नहीं रखेंगे। परिजनों की ओर से हत्या के आरोपियों की पैरवी की गई तो उन्हें भी सामाजिक बहिष्कार झेलना पड़ेगा।
23 अक्तूबर को चकराता में टाइगर फॉल से लौटने वक्त टैक्सी ड्राइवर राजू ने अपने साथियों बबलू, गुड्डू और कुंदन के साथ मिलकर पर्यटक जोड़े की हत्या कर दी थी। आरोपियों की इस करतूत से पूरा इलाका गुस्से में है।
रविवार को सिरबा गांव में आयोजित पंचायत में (खत के 14 गांवों की बैठक) करीब 300 लोगों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय भी लिया कि पीड़ित परिवारों को यदि किसी आर्थिक सहायता की जरूरत पड़ी तो चंदा जमाकर उनकी मदद की जाएगी।
पंचायत में सैलानी जोडे़ की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। खत के स्याणा अतर सिंह ने कहा कि आरोपियों के कृत्य से पूरा इलाका शर्मिंदा है। आरोपियों की दरिंदगी से देवभूमि जौनसार की छवि धूमिल हुई है। पंचायत ने निर्णय लिया है कि परिजन, रिश्तेदार या फिर खत से जुड़ा कोई भी व्यक्ति आरोपियों की मदद नहीं करेगा।
अपनों ने दी सजा, नहीं मिलेंगे हम
‘बेटे ने हमें कहीं का नहीं छोड़ा...। ऐसे बेटे से हम नि:संतान ही रहते तो अच्छा होता...। बेटे की करतूत पर मैं शर्मिंदा हूं....। खत का जो भी फैसला है, हमें मंजूर होगा।’ यह कहते ही कुंदन (आरोपियों में से एक) के पिता मदी दास की आंखे नम हो गईं।
पूरी खत के सामने कहा कि सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन उनके बेटे का कुकृत्य उन्हें पूरी दुनिया के सामने झुकने पर मजबूर कर देगा। समाज में अच्छा संदेश जाए और क्षेत्र का नाम खराब न हो इसके लिए खत जो भी निर्णय लेगी हमें मंजूर होगा। मैं और मेरे परिवार का कोई भी सदस्य कुंदन से मिलने नहीं जाएगा।
पंचायत में ये गांव हुए शामिल
घण्ता, डेरियो, बिसऊ, कोल्हा, बहमू, मैपावटा, शिरबा, टुंगरोली, मयरावना, बुरास्वा, रावना, पाटी, भंघोती गांव के 300 लोग पंचायत में शामिल हुए।
घटनाक्रम
22 अक्तूबर को दिल्ली से अभिजीत और युवती चकराता घूमने आए।
23 अक्तूबर को चकराता टाइगर फॉल घूमने के दौरान दोनों लापता।
29 अक्तूबर को युवती के पिता ने दिल्ली में गुमशुदगी दर्ज कराई।
30 अक्तूबर को अभिजीत का शव नौगांव, उत्तरकाशी क्षेत्र में मिला।
10 नवंबर को चालक राजू ने साथियों के साथ हत्या की बात कबूली।
13 नवबंर को उत्तरकाशी में यमुना के किनारे युवती का शव मिला।